Uttar Pradesh News: फतेहपुर जिले के खागा कोतवाली क्षेत्र में मंगेतर के सामने युवती से हुए गैंगरेप मामले में शुक्रवार को जमकर हंगामा हुआ. पीड़िता से मिलने गांव जा रहे 'अपनी जनता पार्टी' (AJP) के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने सुरक्षा और गोपनीयता का हवाला देकर रोक लिया, जिसके बाद दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई. मौके पर तैनात महिला पुलिसकर्मियों ने कार्यकर्ताओं पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया. इस डेलिगेशन में स्वामी प्रसाद मौर्य के बेटे उत्कर्ष मौर्य समेत दर्जनों नेता शामिल थे. उत्कर्ष के सामने ही पुलिसवालों और AJP कार्यकर्ताओं में तीखी झड़प हुई.
वहीं, पुलिस ने इस कांड में आरोपियों की मदद करने वाले जुगेश सिंह का नाम भी एफआईआर में शामिल किया है, जिससे अब कुल अभियुक्तों की संख्या चार हो गई है. मुख्य आरोपी बबलू सिंगरौर पर इनाम की राशि 50 हजार से बढ़ाकर 1 लाख रुपये कर दी गई है.
महिला पुलिसकर्मी और कार्यकर्ताओं में भिड़ंत
खागा में स्थिति तब तनावपूर्ण हो गई जब राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने जबरन गांव में घुसने की कोशिश की. महिला सिपाहियों ने मोर्चा संभालते हुए उन्हें रोका और साफ शब्दों में कहा कि वे "ड्यूटी करने आई हैं, धक्का खाने नहीं."
एसपी फतेहपुर ने पहले ही स्पष्ट किया था कि पीड़िता की सुरक्षा और गोपनीयता बनाए रखने के लिए किसी भी संगठन को मिलने की अनुमति नहीं है. काफी समझाने और हंगामे के बाद कार्यकर्ता वापस लौटे, हालांकि उन्होंने पुलिसिया कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया.
मुख्य आरोपी पर 1 लाख का इनाम
एसपी अभिमन्यु मांगलिक ने बताया कि फरार मुख्य अभियुक्त बबलू सिंगरौर की गिरफ्तारी के लिए प्रयागराज जोन के अपर पुलिस महानिदेशक ने इनाम की राशि बढ़ाकर एक लाख रुपये कर दी है. अभियुक्त की तलाश में पुलिस की 7 टीमें गठित की गई हैं जो विभिन्न राज्यों के रेलवे प्लेटफॉर्मों और संभावित ठिकानों पर निरंतर दबिश दे रही हैं. पुलिस को उसके कुछ सुराग मिले हैं और जल्द ही उसकी गिरफ्तारी की उम्मीद जताई जा रही है.
चौथा आरोपी जुगेश सिंह भी रडार पर
जांच के दौरान पुलिस ने बबलू सिंगरौर की मदद करने वाले जुगेश सिंह का नाम भी मुकदमे में शामिल किया है. अब इस गैंगरेप कांड में कुल चार अभियुक्त हो गए हैं, जिनमें से दो को पुलिस ने अब तक गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. पुलिस का कहना है कि शेष दोनों आरोपियों को पकड़ने के लिए कड़े प्रयास जारी हैं और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा.
संपत्ति की कुर्की और फास्ट ट्रैक की तैयारी
पुलिस प्रशासन ने अपराधियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की योजना बनाई है. आरोपियों का आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है और उनके विरुद्ध गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई प्रस्तावित है. पुलिस ने अभियुक्तों द्वारा अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों का चिन्हांकन भी शुरू कर दिया है, जिन्हें धारा 14(1) के तहत कुर्क किया जाएगा. पीड़िता को चिकित्सीय सहायता दी जा रही है और मामले को फास्ट ट्रैक कोर्ट में ले जाने की तैयारी है.