Uttar Pradesh News: लखीमपुर खीरी जिले के मैलानी थाना क्षेत्र अंतर्गत बांकेगंज कस्बे में 14 अप्रैल को अंबेडकर जयंती पर बाबा साहब की मूर्ति स्थापना के विवाद ने हिंसक रूप ले लिया. सरकारी जमीन पर बिना अनुमति मूर्ति रखने की कोशिश के दौरान आयोजकों और अन्य लोगों में झड़प हुई, जिससे मूर्ति गिरकर खंडित हो गई. आक्रोशित भीड़ ने मौके पर पहुंची पुलिस टीम पर हमला कर दिया, पत्थरबाजी की और कई सरकारी गाड़ियों में तोड़फोड़ कर आग लगा दी. पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज किया. घटना में 20 पुलिसकर्मी और एक स्थानीय पत्रकार घायल हुए हैं.
कैसे शुरू हुआ विवाद?
बांकेगंज कस्बे की एक सरकारी भूमि पर मूर्ति स्थापना को लेकर लंबे समय से विवाद था. सहमति बनी थी कि केवल बाबा साहब की तस्वीर पर माल्यार्पण होगा, लेकिन कुछ लोग चुपके से मूर्ति ले आए.
चश्मदीद चंदा देवी के अनुसार, कुछ लोगों ने जबरन मूर्ति स्थापित करने की कोशिश की, जिसका विरोध होने पर मारपीट शुरू हो गई. इस खींचतान के दौरान मूर्ति गिरकर खंडित हो गई, जिससे वहां मौजूद 250-300 लोगों का गुस्सा भड़क उठा और उन्होंने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया.
भीड़ ने पुलिस को बनाया निशाना
हंगामे की सूचना मिलते ही जब पुलिस बल मौके पर पहुंचा, तो अराजक तत्वों ने उन पर हमला बोल दिया. उग्र भीड़ ने न केवल मारपीट की, बल्कि पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ कर उन्हें आग के हवाले कर दिया. हालात इतने बेकाबू हो गए कि पुलिस को बचाव में हल्का बल प्रयोग और लाठीचार्ज करना पड़ा. इस दौरान पत्थरबाजी में कई जवानों को चोटें आईं. पुलिस ने खंडित मूर्ति को कब्जे में लेकर थाने भिजवाया ताकि माहौल और न बिगड़े.
मौके पर पहुंचे आला अधिकारी
मामले की गंभीरता देखते हुए डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल और एसपी ख्याति गर्ग भारी पुलिस फोर्स के साथ बांकेगंज पहुंचीं. अधिकारियों ने स्थानीय लोगों को समझा-बुझाकर शांति व्यवस्था कायम करने की कोशिश की. एडिशनल एसपी (वेस्ट) अमित राय ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में कानून-व्यवस्था नियंत्रण में है और किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है. इलाके में एहतियातन सुरक्षा बढ़ा दी गई है और शांति व्यवस्था बनी हुई है.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यह पूरी घटना अराजक तत्वों द्वारा पुलिस के साथ की गई झड़प का परिणाम थी. पुलिस अब उन लोगों की पहचान कर रही है जिन्होंने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया और आगजनी की. फिलहाल बांकेगंज कस्बे में स्थिति शांत है, लेकिन तनाव को देखते हुए पुलिस लगातार गश्त कर रही है. अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें.