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'BJP विपक्ष में बैठने की प्रैक्टिस कर रही, गाजीपुर में पुलिस संग चलवाए पत्थर', इटावा में बोले अखिलेश यादव

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इटावा के चंबल क्षेत्र में आयोजित एक धार्मिक कार्यक्रम के दौरान भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. उन्होंने गाजीपुर की घटना, जातीय जनगणना और यूपी में महिला सुरक्षा के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए उसे 'विकास विरोधी' करार दिया.

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सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव (Photo- PTI)
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव (Photo- PTI)

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव गुरुवार को इटावा के चकरनगर में आयोजित 101 विष्णु यज्ञ कुंडी और श्रीमद् भागवत कथा कार्यक्रम में शामिल हुए. उन्होंने यहां बंगाल और तमिलनाडु के चुनाव रुझानों पर प्रतिक्रिया देते हुए भाजपा की ऐतिहासिक हार का दावा किया. अखिलेश ने गाजीपुर में सपाइयों के 'अपमान' और उन पर हुए पथराव के लिए पुलिस व भाजपा की मिलीभगत को जिम्मेदार ठहराया. उन्होंने इटावा के साथ हो रहे भेदभाव और भू-माफियाओं के संरक्षण को लेकर राज्य सरकार की नीतियों की कड़े शब्दों में आलोचना की.

गाजीपुर की घटना पर सनसनीखेज आरोप

अखिलेश यादव ने गाजीपुर की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि जब समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता पीड़ित परिवार से मिलने जा रहे थे, तब भाजपा कार्यकर्ताओं और पुलिस ने मिलकर उनका अपमान किया. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के लोगों ने पहले से पत्थर इकट्ठा कर रखे थे और पुलिस के साथ मिलकर पथराव करवाया. हैरानी की बात यह है कि पुलिस इन पत्थरबाजों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं कर रही है. अखिलेश के अनुसार, भाजपा अब विपक्ष में बैठने की 'प्रैक्टिस' कर रही है क्योंकि उन्हें अपनी हार का अहसास हो चुका है.

इटावा के साथ भेदभाव और भू-माफिया का मुद्दा

पूर्व मुख्यमंत्री ने भाजपा पर इटावा को बर्बाद करने का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि चंबल का यह बीहड़ इलाका पहले असुरक्षित था, जिसे नेताजी मुलायम सिंह यादव ने विकास कार्यों, सड़कों और पुलों के जरिए संवारा. वर्तमान सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि इटावा की जमीनों पर माफियाओं ने बड़े पैमाने पर कब्जा कर लिया है और जंगल व नदियों को बर्बाद किया जा रहा है. अखिलेश ने वादा किया कि सपा सरकार आने पर भू-माफियाओं के खिलाफ ऐसी सख्त कार्रवाई होगी कि कोई भी कानून से बच नहीं पाएगा.

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जातीय जनगणना और आरक्षण पर रुख

अखिलेश यादव ने एक बार फिर जातीय जनगणना की मांग को प्रमुखता से उठाया. उन्होंने कहा कि जनगणना के साथ जातीय आंकड़े आने के बाद ही शोषित और वंचित समाज को सही हक और सम्मान दिलाया जा सकता है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बाबा साहब भीमराव अंबेडकर द्वारा दी गई आरक्षण व्यवस्था पर भरोसा नहीं करती. सपा का मानना है कि सही पॉलिसी के माध्यम से ही समाज के पिछड़े वर्गों का उत्थान संभव है, जिसे भाजपा रोकना चाहती है.

महिला सुरक्षा और सीएम पर तीखा हमला

महिला आरक्षण बिल पर बोलते हुए अखिलेश ने कहा कि मुख्यमंत्री खुद महिला विरोधी हैं और भाजपा पूरी तरह से महिलाओं के खिलाफ है. उन्होंने उत्तर प्रदेश को महिलाओं के लिए सबसे असुरक्षित राज्य बताया. अखिलेश ने सवाल उठाया कि जब महिला आरक्षण बिल पास होकर एक्ट बन चुका है, तो भाजपा किसके लिए धरना-प्रदर्शन कर रही है. उन्होंने केदारेश्वर महादेव मंदिर के भ्रमण के दौरान एक मासूम बच्चे को उपहार देकर मानवीय संवेदना भी प्रकट की.

सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में कर्मचारियों का प्रदर्शन

राजनीतिक बयानों के बीच, इटावा की सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में आउटसोर्सिंग कर्मचारियों का गुस्सा भी फूट पड़ा. पिछले दो महीनों से वेतन न मिलने के कारण नाराज कर्मियों ने काम ठप कर धरना दिया. कर्मचारियों का आरोप है कि प्रशासन उन्हें धमकी दे रहा है कि यदि प्रदर्शन किया तो उन्हें नौकरी से निकाल दिया जाएगा. पुनीत, रोहित और आशु जैसे कर्मचारियों ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए अपना बकाया वेतन जल्द जारी करने की मांग की है.

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