उत्तर प्रदेश के बिजनौर जनपद में नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत कोतवाली शहर पुलिस ने रविवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए दो महिलाओं को स्मैक और भारी नकदी के साथ गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 111.54 ग्राम स्मैक तथा नशे की बिक्री से प्राप्त बताई जा रही 88,950 रुपये की नकद धनराशि बरामद की है. बरामद स्मैक की अनुमानित बाजार कीमत करीब 1.50 लाख रुपये है.
पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई अपराध नियंत्रण एवं वांछित अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई. कोतवाली शहर पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि शहर क्षेत्र में स्मैक की बिक्री का अवैध कारोबार संचालित किया जा रहा है. सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए दो महिलाओं को गिरफ्तार कर लिया.
एक ही परिवार की दो महिलाएं गिरफ्तार
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रहनुमा उर्फ नूरी पुत्री फरीद और तबस्सुम पुत्री फरीद निवासी मोहल्ला मिर्दगान बी-10, थाना कोतवाली शहर, जनपद बिजनौर के रूप में हुई है. दोनों सगी बहनें बताई जा रही हैं और एक ही पते पर निवास करती हैं.
डली और पुड़िया दोनों रूप में मिली स्मैक
पुलिस जांच में आरोपियों के कब्जे से 50.35 ग्राम स्मैक डली के रूप में तथा 61.19 ग्राम स्मैक बिट/पुड़िया के रूप में बरामद हुई. इस प्रकार कुल बरामद स्मैक का वजन 111.54 ग्राम पाया गया. इसके अलावा पुलिस ने आरोपियों के पास से 88,950 रुपये नकद भी बरामद किए हैं. पुलिस का दावा है कि यह रकम स्मैक की बिक्री से अर्जित की गई थी. बरामदगी से यह संकेत मिल रहा है कि आरोपी केवल नशे का सेवन नहीं बल्कि उसके वितरण और बिक्री के कारोबार से भी जुड़े हैं.
नशे के नेटवर्क की जांच शुरू
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद नकदी और स्मैक की मात्रा को देखते हुए मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है. जांच का फोकस अब इस बात पर है कि आरोपियों को स्मैक की सप्लाई कहां से हो रही थी और इसके खरीदार कौन थे. पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कहीं इसके पीछे कोई बड़ा नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है.
एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज
बरामदगी के आधार पर कोतवाली शहर थाने में मु0अ0सं0 435/2026 के तहत धारा 8/21 एनडीपीएस एक्ट में मुकदमा दर्ज किया गया है. दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने की तैयारी की जा रही है तथा मामले में अग्रिम विधिक कार्रवाई जारी है.
बढ़ती चुनौती बना नशे का कारोबार
बिजनौर सहित पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में स्मैक और अन्य मादक पदार्थों की तस्करी कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है. पुलिस की इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर शहर और कस्बों तक नशे की खेप पहुंचाने वाले बड़े सप्लायर कौन हैं. विशेषज्ञों का मानना है कि केवल छोटे विक्रेताओं की गिरफ्तारी से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि पूरे सप्लाई चेन को ध्वस्त करना आवश्यक है. फिलहाल कोतवाली शहर पुलिस की इस कार्रवाई को जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है और आगे की जांच में कई और अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है.