उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिला मुख्यालय स्थित सिविल कोर्ट परिसर में देर रात हुई बुलडोजर कार्रवाई से माहौल तनावपूर्ण हो गया. इस कार्रवाई में अधिवक्ताओं के टीन शेड और चैंबर को तोड़ दिया गया, जिससे वकीलों में भारी आक्रोश फैल गया. बताया जा रहा है कि यह कार्रवाई बिना किसी पूर्व सूचना के की गई. जैसे ही इसकी जानकारी अधिवक्ताओं को मिली, बड़ी संख्या में वकील मौके पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया.
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, सिविल बार के पास स्थित कुछ अधिवक्ताओं के टीन शेड और चैंबर को बुलडोजर से ध्वस्त किया जा रहा था. इस दौरान मलबा हटाने का काम भी जारी था. हालांकि, अधिवक्ताओं के मौके पर पहुंचने के बाद उन्होंने मलबा हटाने का काम रुकवा दिया और इस पूरी कार्रवाई पर कड़ी आपत्ति जताई. वकीलों के बढ़ते आक्रोश को देखते हुए बुलडोजर मशीन को वापस लौटना पड़ा.
बिना सूचना कार्रवाई से अधिवक्ताओं में भारी आक्रोश
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए मौके पर पुलिस बल तैनात किया गया. कचहरी परिसर में देर रात तक तनाव का माहौल बना रहा और बड़ी संख्या में अधिवक्ता वहीं डटे रहे. जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्र वर्मा ने इस कार्रवाई पर नाराजगी जताई. उन्होंने कहा कि बिना किसी संवाद के इस तरह की कार्रवाई करना उचित नहीं है. उन्होंने यह भी बताया कि इस मामले में जिला जज से वार्ता कर आगे की रणनीति तय की जाएगी.
मौके पर पहुंचे वकीलों ने मलबा हटाने का काम रुकवाया
घटना के दौरान अधिवक्ता सुनीत अवस्थी, प्रदीप श्रीवास्तव और संजय सहित कई वकील मौके पर मौजूद रहे. सभी ने एकजुट होकर इस कार्रवाई के खिलाफ विरोध दर्ज कराया. देर रात तक कचहरी परिसर में अधिवक्ताओं का जमावड़ा लगा रहा. घटना के बाद से पूरे परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है. फिलहाल, इस मामले में आगे क्या कदम उठाए जाएंगे, इस पर सभी की नजर बनी हुई है.