उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में साइबर पुलिस ने नावेद और भूरा नाम के दो ऐसे शातिर ठगों को गिरफ्तार किया है, जिन्होंने शादी को हथियार बनाकर देशभर में हजारों परिवारों को लूटा. दोनों ठगों का तरीका इतना शातिर और फिल्मी था कि पुलिस भी हैरान रह गई. दोनों पहले लड़की के परिवार को पूरी तरह भरोसे में लेते थे. फिर रिश्ता तय होने के बाद मिलने का समय और जगह तय की जाती.
ऐसे करते थे ठगी
इसी बीच अचानक फोन आता कि “हमारी गाड़ी का एक्सीडेंट हो गया है” फोन पर घबराहट, दर्द और मजबूरी का नाटक किया जाता. फिर कहा जाता कि इलाज के लिए पैसे चाहिए. गाड़ी फंस गई है अभी रकम ट्रांसफर कर दो, हम लौटकर सब हिसाब कर देंगे. इसी बहाने मोटी रकम ट्रांसफर करा ली जाती, और इसके बाद मोबाइल नंबर बंद कर दिया जाता.
यह भी पढ़ें: मेरठ: डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर महिला से 30 लाख की ठगी, पुलिस ने फ्रीज किया पैसा
पुलिस के मुताबिक इनकी आवाज़ में घबराहट, कहानी में परिवार के लोगों की एंट्री और हालात का ऐसा ब्यौरा होता कि सामने वाला परिवार समझ ही नहीं पाता कि वह ठगी का शिकार हो रहा है. इनका तरीका इतना रियल होता था कि कोई भी इनके झांसे में आ जाए. इतना ही नहीं नावेद और भूरा खुद को सरकारी नौकरी में बताकर अख़बार, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर रिश्ता ढूंढते थे.
नावेद 5वीं फेल और भूरा है 8वीं फेल
हिंदू नामों से फर्जी आईडी बनवाते और उन्हीं नामों से होटलों में ठहरते ताकि किसी को शक न हो. अब तक की जांच में सामने आया है कि दोनों ठग करोड़ों रुपये से ज्यादा की ठगी चुके हैं. इनके खिलाफ यूपी, दिल्ली, पंजाब समेत कई राज्यों में 16 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं. हैरानी की बात यह है कि नावेद 5वीं फेल है. जबकि भूरा 8वीं फेल है. लेकिन ठगी की स्क्रिप्ट ऐसी कि बड़े-बड़े पढ़े-लिखे लोग भी फंस जाते थे.
बागपत एसपी प्रवीण चौहान ने बताया कि पकड़े गए लोग ऑनलाइन व अखबार में विज्ञापन देकर बीवी तलाशते थे. बड़ौत निवासी एक व्यक्ति की शिकायत के बाद साइबर पुलिस ने जांच शुरू की और दोनों शातिरों को गिरफ्तार कर लिया. पुलिस ने इनके पास से फर्जी दस्तावेज, फर्जी आईडी डिजिटल सबूत बरामद किए हैं. मामले में आगे की जांच जारी है.