scorecardresearch
 

मेरठ: डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर महिला से 30 लाख की ठगी, पुलिस ने फ्रीज किया पैसा

मेरठ में ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र की महिला सुदेश रानी को साइबर अपराधियों ने डिजिटल अरेस्ट का झांसा देकर 30 लाख रुपए की ठगी का शिकार बनाया. महिला ने बैंक से एफडी तोड़कर रकम ट्रांसफर की. साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत के बाद पुलिस ने बैंक से समन्वय कर पूरी राशि फ्रीज करवा दी. अब आरोपी की तलाश की जा रही है.

Advertisement
X
बैंक से एफडी तोड़कर रकम ट्रांसफर की.(Photo: Representational)
बैंक से एफडी तोड़कर रकम ट्रांसफर की.(Photo: Representational)

उत्तर प्रदेश के मेरठ में साइबर अपराधियों ने ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र की रहने वाली महिला सुदेश रानी को डिजिटल अरेस्ट के डर में ठगी का शिकार बनाया. घटना 14 जनवरी की है, जब अपराधियों ने महिला को व्हाट्सएप कॉल कर झांसा दिया कि उसका नंबर ड्रग्स तस्करी में इस्तेमाल हुआ है. फोन करने वाले ने खुद को सीबीआई अधिकारी बताया और लगातार धमकियां दीं. 

डर के कारण महिला ने बैंक जाकर अपनी एफडी तोड़कर ₹30 लाख आरटीजीएस के माध्यम से संदिग्ध के खाते में भेज दिए. बैंक से निकलने के कुछ समय बाद महिला को एहसास हुआ कि उसके साथ धोखाधड़ी हुई है. तुरंत उसने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर घटना की सूचना दी. इसके बाद पुलिस की साइबर हेल्प डेस्क ने बैंक और संबंधित कंपनी से संपर्क किया और पूरी रकम फ्रीज करवा दी.

यह भी पढ़ें: मेरठ: महिला की हत्या और बेटी का अपहरण करने वाला आरोपी निकला नाबालिग? कोर्ट में उम्र को लेकर नया दावा

साइबर सेल की त्वरित कार्रवाई

एसपी (क्राइम) अवनीश कुमार ने बताया कि प्रकरण थाना ब्रह्मपुरी क्षेत्र से संबंधित है. महिला की शिकायत मिलने के बाद थाना ब्रह्मपुरी की साइबर टीम ने तुरंत कार्रवाई की. उन्होंने बैंक और कंपनियों के साथ समन्वय करके संदिग्ध के खाते में भेजी गई ₹30 लाख की धनराशि को फ्रीज करा दिया.

Advertisement

अब महिला की तहरीर पर मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है. पुलिस ने कहा कि साइबर अपराधियों द्वारा दी जाने वाली धमकियों और डिजिटल अरेस्ट के झांसे में किसी भी व्यक्ति को नहीं आना चाहिए. अधिकारियों ने नागरिकों से अपील की है कि ऐसी परिस्थितियों में तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 या नजदीकी पुलिस स्टेशन से संपर्क करें.

महत्वपूर्ण सीख

इस घटना से स्पष्ट है कि साइबर ठग लगातार नई तरकीबें अपनाकर लोगों को फंसाने की कोशिश कर रहे हैं. डिजिटल लेन-देन के दौरान सतर्क रहना और किसी भी तरह के धमकी या दबाव में पैसे ट्रांसफर न करना जरूरी है. पुलिस और बैंक द्वारा त्वरित कार्रवाई ने इस मामले में बड़ा नुकसान होने से बचा लिया.

---- समाप्त ----
Live TV

TOPICS:
Advertisement
Advertisement