scorecardresearch
 

UP: प्रभुनाथ मिश्रा की मौत का मामला, अयोध्या मेडिकल कॉलेज में विसरा बदलने का खुलासा, संविदा कर्मी की मौत पर फंसे डॉक्टर

अयोध्या के मेडिकल कॉलेज में संविदा कर्मचारी प्रभुनाथ मिश्रा की आत्महत्या मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. हैदराबाद की लैब ने पुष्टि की है कि जांच के लिए भेजा गया विसरा मृतक का था ही नहीं. अब सवाल मेडिकल कॉलेज के निलंबित प्रिंसिपल और डॉक्टरों पर उठे हैं. परिवार ने न्याय के लिए कोर्ट का सहारा लिया है.

Advertisement
X
 प्रभुनाथ मिश्रा (फाइल-फोटो)
प्रभुनाथ मिश्रा (फाइल-फोटो)

अयोध्या के राजर्षि दशरथ मेडिकल कॉलेज में संविदा कर्मचारी की आत्महत्या मामले में बड़ा खुलासा हुआ है. बताया जा रहा है कि जांच के लिए भेजा गया विसरा बदल दिया गया था. हैदराबाद की सीडीएफडी लैब ने इसकी पुष्टि की है कि विसरा मृतक प्रभुनाथ मिश्रा का था ही नहीं.

प्रभुनाथ मिश्रा ने 7 अगस्त 2024 को जहर खाकर आत्महत्या की थी. परिजनों को बताया था कि उन्हें कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. ज्ञानेंद्र कुमार और महिला डॉक्टर रितु व डॉ. निर्मला प्रताड़ित कर रहे थे. 29 जुलाई को हुए विवाद के बाद, 7 अगस्त को प्रिंसिपल ने उन्हें महिला डॉक्टरों की ओर से छेड़खानी की झूठी तहरीर दी और एफआईआर की धमकी दी, जिससे वह टूट गए और जहर खा लिया.

प्रभुनाथ मिश्रा की खुदकुशी में बड़ा खुलासा 

8 अगस्त को उनकी लखनऊ के राम मनोहर लोहिया अस्पताल में मौत हो गई थी. पोस्टमार्टम में विसरा सुरक्षित किया गया, लेकिन रिपोर्ट में जहर की पुष्टि नहीं हुई. परिवार ने जब डीएनए जांच कराई, तो 27 मार्च 2025 को रिपोर्ट आई कि विसरा का डीएनए मृतक से मेल नहीं खाता.

अब परिवार का आरोप है कि मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने मिलकर विसरा बदलवा दिया. वहीं, जब प्रभुनाथ इलाजरत थे, उसी रात 8 अगस्त को उनके खिलाफ छेड़खानी की एफआईआर दर्ज करा दी गई. हालांकि उनकी मृत्यु के बाद पुलिस ने केस बंद कर दिया.

Advertisement

मृतक के परिवार ने लगाया पुलिस आरोप

इस मामले पर एसपी अयोध्या का कहना है कि विसरा की प्रक्रिया लखनऊ से हुई है, कागज वहीं भेजे गए होंगे. मृतक के पिता जगदीश मिश्रा का आरोप है कि पुलिस शुरू से डॉक्टरों को बचा रही है.

---- समाप्त ----

Advertisement
Latest News in Hindi »
Advertisement