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औरैया: 2 करोड़ का GST घोटाला बेनकाब, फर्जी फर्म बनाकर सरकार को लगाया चूना, 4 गिरफ्तार

उत्तर प्रदेश के औरैया में पुलिस ने ₹2.29 करोड़ के जीएसटी कर चोरी गिरोह का भंडाफोड़ किया है. आरोपी गरीबों के दस्तावेजों पर फर्जी फर्में बनाकर बोगस आईटीसी क्लेम करते थे. पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लैपटॉप, 17 फोन और 21 डेबिट कार्ड बरामद किए हैं.

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औरैया में जीएसटी चोरी का भंडाफोड़ (Photo- ITG)
औरैया में जीएसटी चोरी का भंडाफोड़ (Photo- ITG)

उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में जीएसटी कर चोरी के एक बड़े और संगठित गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है. पुलिस अधीक्षक अभिषेक भारती ने पूरे मामले का खुलासा करते हुए बताया कि फर्जी जीएसटी फर्म बनाकर लगभग 2 करोड़, 29 लाख, 50 हजार रुपये की आईटीसी क्लेम कर सरकार को भारी राजस्व क्षति पहुंचाई गई.  इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. 

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस फ्रॉड की सूचना जुलाई 2025 में प्राप्त हुई थी. वादी जीएसटी विभाग की ओर से थाना कोतवाली औरैया में मुकदमा दर्ज कराया गया था. जांच के दौरान कई फर्जी कंपनियों का खुलासा हुआ, जिनमें शारदा ट्रेडिंग कंपनी (कस्बा खानपुर, औरैया), बागवानी ट्रेडिंग कंपनी (मध्य प्रदेश) तथा झारखंड में पंजीकृत अन्य फर्में शामिल हैं. ये कंपनियां केवल कागजों पर संचालित हो रही थीं, जबकि वास्तविक रूप से कोई व्यापार नहीं कर रही थीं.

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने गरीब और जरूरतमंद लोगों को 10 से 15 हजार रुपये का लालच देकर उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक खाता और मोबाइल नंबर हासिल किए. इसके बाद फर्जी किरायानामा और बिजली बिल तैयार कर जीएसटी रजिस्ट्रेशन कराया गया. बिना किसी वास्तविक माल की खरीद-फरोख्त के फर्जी इनवॉइस और ई-वे बिल जारी कर करोड़ों रुपये की बोगस आईटीसी पास ऑन की गई.

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30 जनवरी 2025 को राज्य कर विभाग इटावा संभाग के अधिकारी वीरी सिंह द्वारा दर्ज कराए गए मुकदमे में बताया गया कि शारदा ट्रेडिंग कंपनी ने गौरी शंकर ट्रेडिंग कंपनी, जयपुर से फर्जी खरीद दर्शाकर 229.50 लाख रुपये की आईटीसी क्लेम कीवीओ-  जांच में पाया गया कि न तो कोई कर जमा किया गया और न ही घोषित व्यापारिक स्थल अस्तित्व में था.

उच्च अधिकारियों के निर्देश पर गठित एसआईटी टीम ने तकनीकी और मैनुअल साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए श्याम सुंदर पासवान और अशोक कुमार पासवान को बरमूपुर नहर पुलिया से गिरफ्तार किया. पूछताछ के बाद महावीर शरण उर्फ पहाड़िया और विमल कुमार को भी गिरफ्तार किया गया.

आरोपियों के कब्जे से दो लैपटॉप, आठ एंड्रॉयड फोन, नौ कीपैड फोन, आठ चेकबुक, सात पासबुक, 21 डेबिट कार्ड, 11 फर्म रजिस्ट्रेशन दस्तावेज, 12 आधार कार्ड समेत कई आपत्तिजनक दस्तावेज और छह हजार रुपये नगद बरामद हुए.

पुलिस के अनुसार, आरोपी योजनाबद्ध तरीके से बोगस फर्म बनाकर इनपुट टैक्स क्रेडिट पास ऑन करते थे और अवैध कमीशन के जरिए आर्थिक लाभ अर्जित करते थे. इस कार्रवाई से एक बड़े जीएसटी कर चोरी नेटवर्क का खुलासा हुआ है. पुलिस आगे की जांच में जुटी है.

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