उत्तर प्रदेश की औरैया जनपद की विशेष MP/MLA कोर्ट ने एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए पूर्व सपा MLC कमलेश पाठक और उनके गिरोह के 8 सदस्यों को गैंगस्टर एक्ट के तहत दोषी करार दिया. कोर्ट ने कमलेश पाठक को गैंगलीडर मानते हुए 6 वर्ष के कठोर कारावास और 1 लाख रुपये के आर्थिक दंड की सजा सुनाई है. वहीं, उनके दो भाइयों समेत 8 अन्य सहयोगियों को 5-5 साल की जेल और 50-50 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी गई है.
यह पूरा विवाद 15 मार्च 2020 को शुरू हुआ था, जब औरैया के मोहल्ला नारायणपुर स्थित पंचमुखी हनुमान मंदिर परिसर में अधिवक्ता मंजुल चौबे और उनकी चचेरी बहन सुधा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी. इस दोहरे हत्याकांड ने पूरे उत्तर प्रदेश को हिला दिया था. जुलाई 2020 में पुलिस ने कमलेश पाठक और उनके गिरोह पर गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई की थी.
सुनवाई के दौरान कमलेश पाठक को आगरा जेल से और अन्य आरोपियों को अलग-अलग जेलों से लाकर कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया गया. जज ने साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर गनर अवनीश प्रताप सिंह को निर्दोष मानते हुए बरी कर दिया, जबकि शेष 9 आरोपियों को सजा सुनाई.
सजा पाने वालों में पूर्व MLC कमलेश पाठक, भाई संतोष पाठक और रामू पाठक समेत कुलदीप अवस्थी, विकल्प अवस्थी, राजेश शुक्ल, शिवम अवस्थी, आशीष दुबे और रविंद्र उर्फ लाला चौबे शामिल हैं. देखें VIDEO:-
वादी का बयान
मृतक अधिवक्ता के भाई और मामले के वादी संजय चौबे ने फैसले पर खुशी जाहिर करते हुए अदालत और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया.
उन्होंने कहा कि कमलेश पाठक पर लगभग 40 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं, लेकिन यह पहली बार है जब उसे सजा मिली है. हालांकि, मुख्य 'डबल मर्डर' केस में अभी फैसला आना बाकी है, लेकिन गैंगस्टर एक्ट में मिली इस सजा से पीड़ित परिवार को न्याय की बड़ी उम्मीद जगी है.