उत्तर प्रदेश के चर्चित पुलिस अधिकारी अनुज चौधरी एक बार फिर अपने बेबाक बयान को लेकर सुर्खियों में हैं. हाल ही में उन्होंने फिल्म धुरंधर 2 देखने के बाद उसमें दिखाए गए माफिया अतीक अहमद के किरदार पर खुलकर प्रतिक्रिया दी है. अतीक अहमद के चित्रण को लेकर चल रहे विवाद पर ASP अनुज चौधरी ने कहा कि फिल्म में कुछ भी गलत नहीं दिखाया गया है. उनके अनुसार, अतीक अहमद कोई शरीफ व्यक्ति नहीं था, बल्कि एक कुख्यात और मोस्ट वांटेड अपराधी था.
उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या उसे किसी राष्ट्रभक्त की तरह पेश किया जाना चाहिए? उनके मुताबिक, फिल्म में उसके चरित्र को उसी रूप में दिखाया गया है जैसा वह वास्तव में था, इसलिए इस पर आपत्ति करना उचित नहीं है.
'अतीक अहमद मोस्ट वांटेड अपराधी था'
अनुज चौधरी ने कहा, 'अतीक अहमद कोई शरीफ आदमी नहीं था. वह एक मोस्ट वांटेड अपराधी था. क्या वह कोई राष्ट्रभक्त था? फिल्म में उसका जैसा चरित्र था वैसा ही पर्दे पर उतारा गया है.'
ASP अनुज चौधरी ने उन लोगों पर भी निशाना साधा जो फिल्म के कुछ दृश्यों का विरोध कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि फिल्म में तथ्यों के साथ कोई छेड़छाड़ नहीं की गई है और इसे अनावश्यक विवाद में घसीटना ठीक नहीं है.
फिल्म की सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि धुरंधर 2 केवल एक मनोरंजन का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के लिए एक संदेश देने वाली फिल्म है. इसमें धर्म की रक्षा, संघर्ष और बलिदान की भावना को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया है.
फिल देखने के बाद क्या बोले?
उन्होंने जनता से अपील करते हुए कहा कि इस फिल्म को अधिक से अधिक लोगों को देखना चाहिए और इसका विरोध करने के बजाय इसके संदेश को समझना चाहिए. उनके इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है और लोग इस पर अपनी-अपनी प्रतिक्रिया दे रहे हैं.
21 अप्रैल को अगली सुनवाई
हाल ही में इलाहाबाद हाई कोर्ट ने संभल हिंसा मामले में एएसपी अनुज चौधरी समेत 20 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के आदेश पर लगी अंतरिम रोक को फिलहाल जारी रखने का फैसला किया है. मामले की अगली सुनवाई के लिए 21 अप्रैल की तारीख तय की गई है.
दरअसल, यह मामला संभल के तत्कालीन मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट विभांशु सुधीर के उस निर्देश से जुड़ा है, जिसमें अनुज चौधरी सहित अन्य पुलिसकर्मियों पर प्राथमिकी दर्ज करने को कहा गया था. इस आदेश को चुनौती देते हुए उच्च न्यायालय में याचिका दाखिल की गई थी.