उत्तर प्रदेश विधानसभा में एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया है, जिसके अनुसार अगले वित्तीय वर्ष 2025-26 से आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (एआई) का इस्तेमाल किया जाएगा. यह निर्णय विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना द्वारा लिया गया है.
एआई के माध्यम से विधायकों की गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी, जिसमें उनकी उपस्थिति, चर्चाओं में भागीदारी, प्रश्न पूछने और मुद्दे उठाने की जानकारी शामिल होगी. इसका उद्देश्य विधायकों को सदन की कार्यवाही में अधिक सक्रिय और जिम्मेदार बनाना है.
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इस निर्णय से विधायकों की गतिविधियों को ट्रैक करने में मदद मिलेगी, जिससे वे अपने कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से कर पाएंगे. इसके अलावा, यह निर्णय विधानसभा की कार्यवाही में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देगा.