उत्तर प्रदेश के अंबेडकरनगर जिले में 2 मई को चार सगे भाई-बहनों और 3 मई को उनकी मां की नृशंस हत्या करने वाले मुख्य आरोपी आमिर को पुलिस ने 4 मई को एनकाउंटर में मार गिराया. ये एनकाउंटर अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र के सुड़ारी गांव के पास हुआ. आरोपी टांडा-बांदा हाइवे से भागने की फिराक में था, जहां घेराबंदी के दौरान उसने पुलिस पर फायरिंग की और जवाबी कार्रवाई में मारा गया. यह पूरी वारदात महिला की संपत्ति हड़पने और शादी के दबाव के चलते अंजाम दी गई थी.
अपराधी से अपनों ने तोड़ा नाता
पुलिस मुठभेड़ में मारे गए आमिर का पोस्टमार्टम होने के बाद जब पुलिस ने उसके परिजनों से संपर्क किया, तो उन्होंने शव लेने से साफ इनकार कर दिया. परिजनों का कहना था कि उसने जो किया वह इंसानियत के खिलाफ है और ऐसे अपराधी से उनका कोई लेना-देना नहीं है. परिवार ने उसके अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी उठाने तक से मना कर दिया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि उसके पाप का घड़ा भर चुका था.
इमाम ने फातिहा पढ़ने से किया इनकार
सिर्फ परिवार ही नहीं, बल्कि समाज और धर्म गुरुओं ने भी आमिर के कृत्य को पूरी तरह नकार दिया. इलाके के पेश इमाम ताज मोहम्मद ने आरोपी के लिए फातिहा पढ़ने और जनाजे की नमाज अदा कराने से मना कर दिया. उन्होंने संदेश दिया कि मासूमों के हत्यारे के लिए समाज में कोई जगह नहीं है. आखिरकार, पुलिस ने देर रात अपनी देख-रेख में आरोपी के शव को दफन करवाकर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की.
संपत्ति के लालच में उजाड़ा हंसता-खेलता परिवार
इस खौफनाक वारदात के पीछे आमिर का संपत्ति हड़पने का लालच था. मृतका का पति सऊदी अरब में रहता था और उसने वहां दूसरी शादी कर ली थी. महिला यहां अपने चार बच्चों के साथ अकेली रहती थी. पूर्व में हत्या के मामले में जेल जा चुका आमिर जमानत पर बाहर था और महिला पर शादी का दबाव बना रहा था ताकि उसकी संपत्ति पर कब्जा कर सके. इसी सनक में उसने पूरे परिवार को खत्म कर दिया.
मुठभेड़ में दो पुलिसकर्मी भी हुए जख्मी
एसपी प्राची सिंह के अनुसार, जब पुलिस टीम ने आरोपी को सुड़ारी गांव के पास घेरा, तो उसने सरेंडर करने के बजाय फायरिंग शुरू कर दी. इस मुठभेड़ में दो बहादुर पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं, जिनका इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है. पुलिस ने आरोपी के पास से हथियार बरामद किए हैं. 2 मई को बच्चों और फिर उनकी मां का शव मिलने के बाद से पुलिस लगातार आरोपी की तलाश में जुटी थी.