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अलीगढ़ में 7.70 लाख की नकली करेंसी बरामद, गैंग के सरगना सहित 4 आरोपी पकड़े गए

यूपी के अलीगढ़ में पुलिस ने नकली नोटों की तस्करी करने वाले गैंग का पर्दाफाश किया है. गोरई थाना पुलिस और क्रिमिनल इंटेलिजेंस विंग ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया. पुलिस ने आरोपियों के पास से 7 लाख 70 हजार रुपये की नकली करेंसी बरामद की है. इसी के साथ चार आरोपियों को पकड़ा गया है, इनमें गिरोह का लीडर भी शामिल है.

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अभियान चलाकर पुलिस ने चार आरोपियों को पकड़ा. (Photo: Screengrab)
अभियान चलाकर पुलिस ने चार आरोपियों को पकड़ा. (Photo: Screengrab)

अलीगढ़ पुलिस ने नकली नोटों की तस्करी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है. गोरई थाना पुलिस और क्रिमिनल इंटेलिजेंस विंग ने संयुक्त रूप से ये अभियान चलाया, जिसमें गिरोह के सरगना समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है. पुलिस ने इनके कब्जे से 7 लाख 70 हजार रुपये की नकली करेंसी बरामद की है. बरामद सभी नोट 500 रुपये के हैं.

पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई सूचना के आधार पर की गई. क्रिमिनल इंटेलिजेंस विंग को जानकारी मिली थी कि एक व्यक्ति बड़ी मात्रा में नकली नोट लेकर आने वाला है. सूचना के बाद गोरई थाना पुलिस और इंटेलिजेंस टीम ने संयुक्त रूप से निगरानी शुरू की. सबसे पहले जिकरुल हसन नाम केे आरोपी को गिरफ्तार किया गया. पूछताछ में सामने आया कि वह पहले भी नकली नोटों के मामलों में जेल जा चुका है. अलीगढ़ के अलावा उत्तराखंड में भी उसके खिलाफ केस दर्ज रहे हैं.

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पुलिस ने बताया कि जिकरुल की निशानदेही पर उसके तीन अन्य साथियों वसीम, आसिफ और फरमान को दिल्ली से गिरफ्तार किया गया. चारों आरोपी एक संगठित गिरोह चलाते थे और अलग-अलग राज्यों में नकली नोटों की सप्लाई करते थे. जांच में पता चला है कि गिरोह का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ है और ये लंबे समय से फर्जी करेंसी की तस्करी में सक्रिय थे.

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एसपी ग्रामीण मनीष कुमार मिश्रा ने बताया कि गिरफ्तार सभी आरोपी शातिर अपराधी हैं और इनके खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है. उन्होंने कहा कि आरोपियों से बरामद मोबाइल फोन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) की जांच की जा रही है, ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके.

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में कुछ मूल रूप से कासगंज के रहने वाले हैं, जबकि तीन आरोपी फिलहाल दिल्ली में रह रहे थे. पूछताछ में यह भी सामने आया है कि सभी आरोपी पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहे हैं और कई बार जेल जा चुके हैं. फिलहाल पुलिस पूरे गिरोह के नेटवर्क की जांच कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि इस मामले में जिन-जिन लोगों की संलिप्तता सामने आएगी, उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.

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