UP News: अलीगढ़ लोकसभा सीट से तीसरी बार निर्वाचित भाजपा सांसद सतीश कुमार गौतम ने मुस्लिम समुदाय और उनके त्योहारों को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की है. उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा कि वे नहीं जानते कि रमजान और ईद क्या होती है, उनका सरोकार सिर्फ होली और दिवाली से है.
भाजपा सांसद ने सुबह 4 बजे बजने वाले लाउडस्पीकर और नुमाइश ग्राउंड में नमाज की अनुमति मांगने पर भी नाराजगी जाहिर की. उन्होंने दावा किया कि वर्तमान सरकार की योजनाओं का सबसे ज्यादा फायदा मुसलमान ले रहे हैं. इस बयान के बाद क्षेत्र में वैचारिक माहौल तनावपूर्ण हो गया है और विपक्षी दल हमलावर हैं.
'होली-दिवाली जानता हूं, रमजान नहीं'
सांसद सतीश गौतम अक्सर अपने बयानों के कारण चर्चा में रहते हैं. इस बार उन्होंने सीधे तौर पर धार्मिक त्योहारों को निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि हमारे यहां होली-दिवाली मनाई जाती है, जहां लोग गले मिलते हैं, लेकिन उन्हें नहीं पता कि रमजान और ईद क्या है. उन्होंने सुबह के समय लाउडस्पीकर चलाने पर आपत्ति जताते हुए इसे छात्रों की परीक्षा के लिए बाधा बताया. साथ ही, मस्जिदों के नाम पर अवैध अतिक्रमण का आरोप लगाते हुए नुमाइश ग्राउंड में नमाज की अनुमति देने का विरोध किया.
सपा का पलटवार: 'आदिवासी हैं सांसद'
सांसद के इस बयान पर समाजवादी पार्टी के महानगर अध्यक्ष अब्दुल हमीद घोसी ने बेहद कड़ा रुख अपनाया है. उन्होंने सतीश गौतम की तुलना आदिवासियों से करते हुए कहा कि वे जंगल से आए प्रतीत होते हैं. घोसी ने तंज कसते हुए कहा कि अलीगढ़ की जनता ने उन्हें कपड़े पहनना सिखाया है. उन्होंने सांसद को 'अनपढ़' करार देते हुए कहा कि उन्हें बोलना तक नहीं आता. सपा नेता ने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री मोदी और मुख्यमंत्री योगी भी ईद-रमजान का महत्व समझते हैं.
नफरती बयानबाजी पर छिड़ी जंग
अब्दुल हमीद घोसी ने आरोप लगाया कि सांसद सतीश गौतम पिछली बार भी 'बेईमानी' से चुनाव जीते थे और अब हार के डर से नफरत फैला रहे हैं. उन्होंने कहा कि एक जिम्मेदार जनप्रतिनिधि होने के बावजूद ऐसी भाषा शोभा नहीं देती. जहां विपक्षी नेता सभी त्योहारों (होली, दिवाली, ईद, रक्षाबंधन) को साथ मनाने की बात कर रहे हैं, वहीं सांसद के इस बयान ने जिले में राजनीतिक ध्रुवीकरण को और तेज कर दिया है.