समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव बुधवार को हरदोई के मल्लावां क्षेत्र स्थित गढ़ी रसूलपुर गांव पहुंचे. उन्होंने यहां जघन्य हत्याकांड का शिकार हुई शिल्पी कुशवाहा के शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की और उन्हें ढांढस बंधाया. अखिलेश ने सपा की ओर से परिवार को पांच लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की. उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि समय रहते पुलिस ने जनसुनवाई पोर्टल और महिला हेल्प डेस्क की शिकायतों पर गौर किया होता, तो आज बेटी की जान बच सकती थी. सपा अध्यक्ष ने इस पूरे मामले की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए सीबीआई (CBI) जांच की पुरजोर मांग उठाई है.
हेल्पलाइन सिस्टम और पुलिस पर उठाए सवाल
अखिलेश यादव ने सरकारी दावों की पोल खोलते हुए कहा कि 112, 1090 और महिला हेल्प डेस्क जैसे सिस्टम अब केवल दिखावा बन गए हैं. उन्होंने सवाल उठाया कि अगर डायल 112 ने रिपोर्ट दी थी कि बेटी 'संतुष्ट' है, तो फिर उसकी हत्या कैसे हो गई?
अखिलेश ने मांग की कि जिन अधिकारियों ने गलत रिपोर्ट दी, उन्हें तुरंत नौकरी से बर्खास्त किया जाना चाहिए. उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में बेटियों के साथ हो रहा अन्याय इसलिए नहीं रुक रहा क्योंकि पुलिस प्रशासन न्याय दिलाने के बजाय वर्चस्ववादी और सत्ता के करीबी लोगों को संरक्षण दे रहा है.
एक्सप्रेसवे की गुणवत्ता और विकास पर तंज
गंगा एक्सप्रेसवे के उद्घाटन और प्रधानमंत्री के आरोपों पर जवाब देते हुए अखिलेश ने कहा कि भाजपा सरकार केवल नाम बदलने और श्रेय लेने में माहिर है. उन्होंने अपने सफर का अनुभव साझा करते हुए कहा कि सपा सरकार में बने एक्सप्रेसवे की राइडिंग क्वालिटी आज भी बेहतर है, जबकि नए एक्सप्रेसवे पर 'पानी छलक' रहा है और पीठ में दर्द हो रहा है. उन्होंने तंज कसा कि इन एक्सप्रेसवे की सर्विस लेन इतनी संकरी है कि दो ट्रैक्टर भी साथ नहीं निकल सकते. अखिलेश ने दावा किया कि संडीला का औद्योगिक विकास भी समाजवादियों की ही देन है.
महिला आरक्षण और भेदभाव पर घेरा
नारी शक्ति वंदन अधिनियम के मुद्दे पर अखिलेश ने भाजपा को 'झूठ बोलने वाली पार्टी' करार दिया. उन्होंने कहा कि अगर महिला आरक्षण बिल पास हो चुका है, तो सरकार इसे तुरंत लागू क्यों नहीं कर रही? उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा जनता को गुमराह कर रही है और वास्तव में आरक्षण लागू करना ही नहीं चाहती. अखिलेश ने जातिवाद के आरोपों पर पलटवार करते हुए कहा कि आज थानों और जिलों में हो रही पोस्टिंग खुद गवाह है कि कौन जातिवादी है. उन्होंने चुनौती दी कि वे हरदोई के अधिकारियों की पोस्टिंग का डेटा भी जारी कर सकते हैं.
बुलडोजर की चाबी और 'लंगड़ा ऑपरेशन'
अखिलेश यादव ने सरकार की 'ठोकनीति' पर सवाल उठाते हुए पूछा कि इस मामले में बुलडोजर का डीजल खत्म हो गया है या उसकी चाबी खो गई है? उन्होंने कहा कि जब दूसरों पर कार्रवाई होती है तो 'लंगड़ा ऑपरेशन' और बुलडोजर तुरंत निकल आता है, लेकिन यहां न्याय की गुहार लगा रहा परिवार बेबस बैठा है. उन्होंने मिर्जापुर और बनारस की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि जब जनता का पुलिस से भरोसा उठ जाता है, तब ऐसी अराजकता जन्म लेती है. अखिलेश ने वादा किया कि सपा सरकार आने पर परिवार को सरकारी नौकरी और सम्मान दिया जाएगा.