scorecardresearch
 

'बीजेपी सरकार में काबिल अधिकारियों की कदर नहीं', आईएएस रिंकू सिंह राही के इस्तीफे पर अखिलेश का तंज

आईएएस रिंकू सिंह राही ने तकनीकी त्यागपत्र देकर पीसीएस में लौटने की मांग की है, जिससे प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल उठे हैं. उनका कहना है कि आठ महीने से उन्हें कोई जिम्मेदारी नहीं मिली. अखिलेश यादव ने इसे लेकर बीजेपी सरकार पर निशाना साधा और काबिल अधिकारियों की अनदेखी का आरोप लगाया. राही ने पत्र में खुद को व्यवस्था में अनुपयुक्त बताया, जबकि परिवार ने उन्हें ईमानदार बताते हुए सम्मानजनक काम देने की मांग की है.

Advertisement
X
रिंकू सिंह ने पीसीएस में जाने की इच्छा जताई है. Photo ITG
रिंकू सिंह ने पीसीएस में जाने की इच्छा जताई है. Photo ITG

उत्तर प्रदेश कैडर के 2022 बैच के आईएएस अधिकारी रिंकू सिंह राही ने अपने पद से तकनीकी त्यागपत्र दे दिया है. उनके इस फैसले के बाद एक बार फिर प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं. उन्होंने राष्ट्रपति को पत्र लिखकर अपनी मूल सेवा पीसीएस में वापस भेजे जाने की अनुमति मांगी है. राही का कहना है कि पिछले करीब आठ महीनों से उन्हें कोई ठोस जिम्मेदारी नहीं दी गई, ऐसे में वेतन और सुविधाएं लेना उनके लिए नैतिक दुविधा बन गया है.

इस बीच, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि बीजेपी सरकार में काबिल अधिकारियों की कोई कदर नहीं है, जबकि भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों को तरजीह दी जाती है. वहीं, आजाद समाज पार्टी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने भी इसे प्रशासनिक तंत्र की गंभीर समस्या बताया.

अखिलेश ने X पर क्या लिखा?
अखिलेश ने X पर लिखा, कुशल अधिकारियों की भाजपा सरकार में कोई अहमियत नहीं है. भाजपा में तो उनकी पूछ है जिनकी चोरी के पैसों की ही चोरी हो जाती है या जो निवेश तक में 5% का प्रवेश शुल्क वसूल लेते हैं. हर अच्छे अधिकारी से हमारी मांग है कि भावावेश में आकर कोई फ़ैसला न करें, बुरे दिन जानेवाले हैं. पीडीए सरकार आएगी और सबको उचित मान-सम्मान-स्थान देगी क्योंकि पीडीए की सरकार जनता की सरकार होगी, जो समस्याओं के समाधान व असमानताओं को दूर करने के लिए सच में विकास के काम करेगी. 

Advertisement

अखिलेश ने आगे लिखा, 'क्वॉलिटी वर्क और तय समय सीमा के अंदर काम को पूरा करने के लिए हमेशा ही बेहतरीन ऑफ़िसर्स की ज़रूरत पड़ती है. अपने काम में पारंगत अधिकारियों की हमने हमेशा क़द्र की है और आगे भी करेंगे. पीड़ित अधिकारी हो या कर्मचारी सभी भाजपा को हटाने के लिए पीडीए के साथ हैं. ’पीड़ा’ बढ़ रही है, इसीलिए ‘पीडीए’ बढ़ रहा है क्योंकि ‘जो पीड़ित, वो पीडीए’. 

लखनऊ स्थित राजस्व परिषद से संबद्ध राही ने साफ किया कि यह कदम व्यवस्था छोड़ने का नहीं, बल्कि एक प्रक्रिया का हिस्सा है. उन्होंने कहा कि वे सार्वजनिक सेवा से अलग नहीं हो रहे हैं, बल्कि सिर्फ तकनीकी रूप से पूर्व सेवा में लौटना चाहते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें व्यक्तिगत रूप से किसी तरह की प्रताड़ना या मानसिक दबाव नहीं है.

रिंकू सिंह राही ने अपने पत्र में क्या लिखा?
राही ने अपने पत्र में लिखा कि संविधान के प्रति उनकी प्रतिबद्धता और जवाबदेही के साथ काम करने के प्रयासों के कारण मौजूदा व्यवस्था में खुद को 'अनुपयुक्त' महसूस कर रहे हैं. प्रशिक्षण पूरा करने के बाद जुलाई 2025 में शाहजहांपुर में संयुक्त मजिस्ट्रेट के रूप में उनकी तैनाती हुई थी, लेकिन कुछ ही समय बाद उन्हें सक्रिय जिम्मेदारियों से हटा दिया गया.

Advertisement

उन्होंने आरोप लगाया कि पारदर्शिता बढ़ाने और अनियमितताओं के खिलाफ उठाए गए कदमों के कारण उन्हें विरोध का सामना करना पड़ा. साथ ही, पहले किए गए घोटाले के खुलासे के चलते उन्हें जान से मारने की धमकी भी मिली थी और उन पर हमला भी हुआ था, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हुए और स्थायी रूप से दिव्यांग हो गए.

अलीगढ़ में उनके परिवार ने भी भावुक अपील करते हुए कहा कि राही ने इस्तीफा नहीं दिया है, बल्कि सम्मान के साथ काम करने का अवसर मांगा है. उनके परिजनों ने उन्हें ईमानदार और सिद्धांतों पर चलने वाला अधिकारी बताया.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement