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संभल SP केके बिश्नोई की शादी में पहुंचे सपा विधायक, तो अखिलेश हुए नाराज, कह दी ये बात; BJP ने भी किया रिएक्ट

राजस्थान के जोधपुर में दो आईपीएस अधिकारियों की शाही शादी में शामिल होना समाजवादी पार्टी के तीन विधायकों को भारी पड़ गया है. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए विधायकों को नसीहत दी है, जिससे अब सियासी गलियारों में हड़कंप मचा हुआ है.

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संभल एसपी की शादी में जाने पर सपा नेताओं से अखिलेश नाराज (Photo- Screengrab)
संभल एसपी की शादी में जाने पर सपा नेताओं से अखिलेश नाराज (Photo- Screengrab)

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने संभल के एसपी केके बिश्नोई और बरेली की आईपीएस अंशिका वर्मा की शादी में शामिल होने वाले अपने तीन विधायकों के प्रति नाराजगी व्यक्त की है. संभल से विधायक इकबाल महमूद, असमोली से पिंकी यादव और गुन्नौर से रामखिलाड़ी सिंह यादव बीते दिनों जोधपुर में आयोजित इस विवाह समारोह में पहुंचे थे. गुरुवार को लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने स्पष्ट कहा कि विधायकों को इस शादी में शामिल नहीं होना चाहिए था. संभल में हुए पिछले बवाल के बाद पुलिस प्रशासन और सपा के बीच उपजे तनाव के मद्देनजर अखिलेश यादव का यह रुख काफी सख्त माना जा रहा है. पार्टी अब अपने विधायकों को अधिकारियों से दूरी बनाए रखने की नसीहत दे रही है.

विधायकों को अखिलेश की दो टूक नसीहत

अखिलेश यादव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में विधायकों के इस कदम को गलत ठहराया. जब उनसे संभल और बरेली के अफसरों की शादी में विधायकों की मौजूदगी पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा, "विधायकों को शादी में शामिल नहीं होना चाहिए था. यह बात हम लोग आपस में बैठकर उन्हें समझाएंगे." 

इस बयान के बाद सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या इन विधायकों को 2027 के चुनाव में टिकट गंवाकर इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी. सपा मीडिया सेल ने भी संकेत दिया है कि पार्टी विरोधी रुख रखने वाले अधिकारियों से दूरी जरूरी है.

विधायक पिंकी यादव ने दी सफाई

इस पूरे मामले पर असमोली विधायक पिंकी यादव ने अपना पक्ष रखा है. उन्होंने बताया कि वह अपने परिवार के साथ पहले से ही राजस्थान के टूर पर थीं, इसलिए व्यावहारिक तौर पर रिसेप्शन में शामिल होना ठीक समझा. उन्होंने कहा, "हम पार्टी के सिपाही हैं और राष्ट्रीय अध्यक्ष के हर आदेश का पालन करेंगे." पिंकी यादव ने सोशल मीडिया से फोटो डिलीट करने की खबरों का भी खंडन किया और कहा कि उन्होंने ऐसी कोई पोस्ट डाली ही नहीं थी. उन्होंने इसे स्थानीय स्तर पर मुद्दा बनाए जाने पर अफसोस जताया.

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बीजेपी ने बोला हमला

भाजपा प्रवक्ता राकेश त्रिपाठी ने इस मामले पर समाजवादी पार्टी को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि सपा और बसपा ने अपने शासनकाल में प्रशासनिक मशीनरी का राजनीतिकरण कर दिया था. भाजपा का मानना है कि अधिकारी किसी जाति या पार्टी के खांचे में नहीं होते, उनकी जवाबदेही जनता के प्रति है. उन्होंने अखिलेश यादव की आपत्ति को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि सपा मुखिया खुद अन्य राजनीतिक दलों के कार्यक्रमों में जाते हैं, लेकिन अपने विधायकों के निजी कार्यक्रमों में जाने पर सवाल उठा रहे हैं.

केके बिश्नोई और संभल विवाद का कनेक्शन

दरअसल, अखिलेश यादव की नाराजगी के पीछे संभल का पुराना विवाद है. नवंबर 2024 में संभल में हुए बवाल के लिए सपा ने एसपी केके बिश्नोई और वहां के प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया था. जब कोर्ट ने पुलिस अफसरों के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया, तो केके बिश्नोई ने इसे हाईकोर्ट में चुनौती देने की बात कही थी. तब अखिलेश ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि खुद को कानून से ऊपर समझना महंगा पड़ेगा. यही वजह है कि उन्हीं अधिकारियों की शादी में सपा विधायकों का जाना अखिलेश को रास नहीं आया.

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