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बीमार पापा को देखने मुंबई से एटा आए बेटे की मौत, सदमे में कुछ ही घंटों में पिता की भी गई जान

एटा जिले में ईद से पहले एक परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा. बीमार पिता की सेवा के लिए मुंबई से घर लौटे बेटे की अचानक मौत हो गई, जिसके कुछ ही घंटों बाद सदमे में पिता ने भी दम तोड़ दिया. करीब 20 घंटे के भीतर हुई दोनों मौतों से पूरे गांव में मातम छा गया और ईद की खुशियां गम में बदल गईं.

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बीमार पापा को देखने आए बेटे की मौत, कुछ ही घंटों में पिता की भी गई जान (Photo: representational image)
बीमार पापा को देखने आए बेटे की मौत, कुछ ही घंटों में पिता की भी गई जान (Photo: representational image)

उत्तर प्रदेश के एटा जिले से एक बेहद भावुक कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां ईद से पहले खुशियों का माहौल अचानक गहरे शोक में बदल गया. एक बीमार पिता की देखभाल के लिए मुंबई से गांव लौटे बेटे की अचानक मौत हो गई, और उसके कुछ ही घंटों बाद सदमे में पिता ने भी दम तोड़ दिया. करीब 20 घंटे के भीतर हुई इन दोनों मौतों ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया है.

जानकारी के अनुसार, 70 वर्षीय रफीक खान लंबे समय से किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे और आगरा के एक अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था. उनके बेटे जाकिल, जो मुंबई में सिलाई का काम करते थे, पिता की हालत बिगड़ने की खबर मिलते ही करीब एक सप्ताह पहले गांव लौट आए थे. उन्होंने अपने पिता को अस्पताल से छुट्टी दिलाकर 19 मार्च को घर लाया.

बताया जाता है कि उसी रात जाकिल को अचानक सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई. पहले उन्हें स्थानीय स्तर पर इलाज दिया गया, लेकिन हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें जलेसर के एक निजी अस्पताल लेकर पहुंचे. वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. बेटे की मौत की खबर जैसे ही घर पहुंची, परिवार में कोहराम मच गया.

जाकिल के पार्थिव शरीर को घर लाया गया और अंतिम संस्कार से पहले उनके मुंबई में रहने वाले परिवार के आने का इंतजार किया जा रहा था. इसी बीच बेटे की मौत का गहरा सदमा रफीक खान सहन नहीं कर सके. उनकी तबीयत तेजी से बिगड़ गई और शुक्रवार रात उन्होंने भी दम तोड़ दिया.

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करीब 20 घंटे के भीतर पिता-पुत्र की मौत से पूरे गांव में मातम पसर गया. स्थानीय लोगों के अनुसार, जाकिल चार भाइयों में दूसरे नंबर पर थे और अपने पीछे पत्नी व चार बच्चों को छोड़ गए हैं. शनिवार को जब उनका परिवार मुंबई से गांव पहुंचा, तो दोनों का जनाजा एक साथ निकाला गया और नमाज के बाद उन्हें सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया. इस घटना ने न सिर्फ परिवार बल्कि पूरे इलाके को भावुक कर दिया है. ईद की तैयारियों के बीच इस तरह की घटना ने हर किसी को स्तब्ध कर दिया है.

 

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