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अब एक स्कैन में खुलेगी पोल! आगरा DM का मास्टरप्लान, बिना QR कोड सड़कों पर नहीं दौड़ेंगे स्कूली वाहन

आगरा के डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी ने प्राइवेट स्कूलों की मनमानी पर लगाम कसने के लिए 'मिशन मोड' में कार्रवाई शुरू कर दी है. स्कूली वाहनों की सुरक्षा से लेकर फीस और किताबों के सिंडिकेट को तोड़ने के लिए प्रशासन ने जो QR कोड वाली योजना बनाई है, वह प्रदेश में चर्चा का विषय बनी हुई है.

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वैन ड्राइवर और गाड़ी की पूरी कुंडली होगी पब्लिक.(Photo:Screengrab)
वैन ड्राइवर और गाड़ी की पूरी कुंडली होगी पब्लिक.(Photo:Screengrab)

आगरा में स्कूलों की मनमानी पर अब जिला प्रशासन सख्त नजर आ रहा है. डीएम अरविंद मलप्पा बंगारी ने साफ कर दिया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर कड़ी कार्रवाई होगी. स्कूल वाहनों से लेकर फीस और किताबों तक, हर स्तर पर अब निगरानी बढ़ा दी गई है.

DM अरविंद मलप्पा बंगारी ने सभी स्कूल संचालकों के साथ बैठक कर सख्त हिदायत दी है. खास तौर पर स्कूल वाहनों को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है. 1 अप्रैल से 15 अप्रैल तक सभी स्कूली वाहनों का पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य कर दिया गया है.

जिला प्रशासन और आरटीओ विभाग मिलकर अब हर स्कूली वाहन पर क्यूआर कोड लगाएंगे. इस क्यूआर कोड को स्कैन कर कोई भी आम नागरिक वाहन और ड्राइवर की पूरी जानकारी हासिल कर सकेगा.

स्पष्ट निर्देश हैं कि 15 अप्रैल के बाद बिना क्यूआर कोड के कोई भी स्कूली वाहन सड़कों पर नहीं चलेगा. नियम तोड़ने पर स्कूल और वाहन संचालक दोनों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी.

वहीं, फीस बढ़ोतरी को लेकर भी प्रशासन ने सख्ती दिखाई है. अब जिला रेगुलेटरी कमेटी की अनुमति के बिना 5 साल से पहले फीस नहीं बढ़ाई जा सकेगी. देखें VIDEO:- 

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इसके अलावा, स्कूलों द्वारा किसी एक तय दुकान से किताबें, जूते या यूनिफॉर्म खरीदने का दबाव बनाने पर भी रोक लगा दी गई है. इस पर नजर रखने के लिए जिला प्रशासन ने एक गोपनीय कमेटी भी गठित की है.

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