आगरा साइबर क्राइम पुलिस को उस वक्त बड़ी सफलता मिली, जब एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने वाले अंतर्राज्यीय गिरोह का खुलासा हुआ. पुलिस ने फतेहाबाद टोल के पास से तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया. आरोपियों के कब्जे से 153 एटीएम कार्ड, एक लाख छह हजार 500 रुपये नकद, तीन मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई कार बरामद की गई है.
फेवीक्विक लगाकर जाम करते थे एटीएम
पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी एटीएम मशीन के कार्ड स्लॉट में फेवीक्विक लगाकर उसे जाम कर देते थे. जब कोई व्यक्ति एटीएम से पैसे निकालने पहुंचता था तो कार्ड फंस जाता था. इसी दौरान आरोपी मदद के बहाने एटीएम पिन देख लेते थे और चालाकी से असली कार्ड बदलकर पीड़ित को फर्जी कार्ड थमा देते थे. बाद में उसी असली कार्ड से आरोपी खातों से लाखों रुपये निकाल लेते थे.
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पुलिस के मुताबिक, गिरोह दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार और मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों में सक्रिय था. यूपी के 35 से अधिक जिलों में इस गिरोह ने वारदातों को अंजाम दिया. सहारनपुर, मेरठ, गाजियाबाद, मथुरा और आगरा समेत कई जिलों में इनकी सक्रियता सामने आई है. आरोपी ऐसे एटीएम बूथ को निशाना बनाते थे जहां भीड़ कम हो और सुरक्षा गार्ड मौजूद न हो.
अब तक कर चुके हैं करोड़ों की ठगी
पुलिस को आरोपियों के पास से वाईफाई डोंगल, सिम कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण भी बरामद हुए हैं. गिरफ्तार आरोपी दिल्ली, मेरठ और मुजफ्फरनगर के रहने वाले बताए जा रहे हैं. मुख्य आरोपी पर कई राज्यों में पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं. पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है. शुरुआती जांच में 150 से ज्यादा घटनाओं का खुलासा हुआ है, जिनमें आरोपियों ने करोड़ों रुपये की ठगी की है.