
Uttar Pradesh News: देवरिया के रहने वाले प्रचुर कुमार शुक्ला बहरीन सरकार की अल्बा कंपनी में हेड ऑफ अकाउंट्स हैं और हाल ही में अपनी भतीजी की शादी में शामिल होने घर लौटे हैं. ईरान द्वारा बहरीन स्थित अमेरिकी एयरबेस और नेवी फ्लीट को निशाना बनाए जाने के कारण वहां का एयरस्पेस बंद हो गया था. प्रचुर ने बताया कि उन्होंने बहरीन से सऊदी अरब तक 1000 किलोमीटर खुद गाड़ी चलाकर सफर तय किया. सऊदी सरकार से वीजा मिलने के बाद वह जद्दा पहुंचे और वहां से फ्लाइट पकड़कर भारत आए. बहरीन में युद्ध के कारण उपजी अनिश्चितता के बावजूद वह अपने परिवार के महत्वपूर्ण समारोह में शामिल होने के लिए सुरक्षित घर पहुंचने में सफल रहे.
बहरीन की जमीनी हकीकत
प्रचुर शुक्ला के अनुसार, बहरीन में स्थिति वैसी नहीं है जैसी मीडिया में दिखाई जा रही है. ईरान के हमले केवल अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर केंद्रित हैं. बहरीन सरकार और प्रधानमंत्री खुद जनता की सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं.
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हालांकि मिसाइल इंटरसेप्शन रेट 97% है, लेकिन कभी-कभी मलबा गिरने से आग लगने जैसी घटनाएं और कैजुअल्टी होती हैं. उन्होंने उन अफवाहों का भी खंडन किया जिनमें सऊदी और बहरीन के बीच स्थित फ्रेंडशिप ब्रिज को उड़ाने का दावा किया गया था. वहां खाने-पीने की कोई कमी नहीं है और सरकार सभी को समान रूप से सहायता दे रही है.

भारतीय दूतावास और चार्टर्ड फ्लाइट्स का सहारा
प्रचुर ने बताया कि युद्ध के दौरान फंसे भारतीयों के लिए इंडियन एंबेसी और बहरीन सरकार पूरा सहयोग कर रही हैं. एयरपोर्ट पर फंसे करीब 400 लोगों को भारतीय दूतावास ने सुरक्षित निकाला है. जो लोग अब भारत आना चाहते हैं, उनके लिए विशेष चार्टर्ड फ्लाइट्स चलाई जा रही हैं. प्रचुर खुद सऊदी के रास्ते जद्दा होकर आए क्योंकि वहां से उड़ानें संचालित थीं. उन्होंने स्पष्ट किया कि संकट के इस समय में बहरीन सरकार का रवैया बहुत सहयोगात्मक है और भारतीय नागरिकों का पूरा ख्याल रखा जा रहा है.