
सोशल मीडिया पर कई वीडियो ऐसे सामने आते हैं, जो सिविक सेंस का सवाल ले आते हैं.हाल ही में जीरो सिविक सेंस का एक वीडियो वायरल हुआ था, जहां एक इंफल्यूंसर रील बना रही थी, और इस दौरान कोई राहगीर वीडियो में आ गया था, वहां से सिविक सेंस की बहस छिड़ी. जो कई वीडियो में अब दिख रही है. ऐसे ही एक वीडियो और सामने आया है. जहां रेल में सफर कर रहे लोग सैंडविच तैयार कर रहे हैं. अब इसमें सवाल है कि क्या ये मामला सिविक सेंस होने या ना होने पर कैसे आ गया.आइये देखते हैं वीडियो में क्या है.
यह वीडियो मूल रूप से दिव्या जैन नाम की एक इंस्टाग्राम यूजर ने शेयर किया था. इसमें उनका परिवार ट्रेन की यात्रा के दौरान सैंडविच तैयार करता दिख रहा है.क्लिप में एक महिला ब्रेड पर हरी चटनी लगा रही है, जबकि बाकी लोग बर्थ पर बैठकर सब्ज़ियां काट रहे हैं.
यह सामान्य पारिवारिक वीडियो जब X पर पहुंचा तो विवाद का कारण बन गया.कुछ ने इसे बदतमीजी और गैर-हाइजीनिक बताया, तो कुछ ने इसे लंबी यात्रा में एक जरूरी और व्यावहारिक तरीका करार दिया.
देखें वायरल वीडियो
लोगों ने क्यों किया विरोध?
कई यूजर्स ने इसे सार्वजनिक जगह पर गलत व्यवहार बताया. विरोध करने वालों की दलीलें थीं कि ट्रेन एक शेयर्ड स्पेस है.सब्ज़ियां काटना और फैलाना गंदगी फैला सकता है, खाने की तेज़ गंध अन्य यात्रियों को परेशान कर सकती है और यह स्वच्छता के नियमों के खिलाफ है.कुछ यूजर्स ने तो यहां तक लिख दिया कि इस तरह खाना बनाने पर बैन लगना चाहिए.


दूसरा पक्ष ये था कि लंबी यात्राओं में घर का खाना जरूरी है.वहीं दूसरी तरफ कई लोग परिवार के बचाव में उतर आए, उनका कहना था कि लंबी दूरी की ट्रेनें कई बार साफ और किफायती खाना उपलब्ध नहीं कर पातीं इसलिए यात्री घर का खाना लेकर चलते हैं.सैंडविच जैसा हल्का भोजन तैयार करना कोई अपराध नहीं, बल्कि एक मजबूरी है. कई ने यह भी लिखा कि अगर कोई साफ-सुथरे तरीके से खाना बना रहा है तो इसमें समस्या क्या है?
वीडियो ने लोगों को उस घटना की भी याद दिलाई, जब नई-नई शुरू हुई वंदे भारत स्लीपर ट्रेन को कुछ यात्रियों ने पहले ही सफर में कूड़ेदान बना दिया था.