सोशल मीडिया को अक्सर सिर्फ मनोरंजन का माध्यम माना जाता है, लेकिन कई बार यही प्लेटफॉर्म किसी की जिंदगी भी बदल देता है. ऐसा ही एक मामला अमेरिका के मैनचेस्टर शहर में सामने आया, जहां 78 साल के एक बुजुर्ग को सोशल मीडिया की मदद से करीब 5 करोड़ रुपये मिल गए. इन बुजुर्ग का नाम रिचर्ड पुली है. उम्र के इस पड़ाव पर भी रिचर्ड लोगों के घर-घर जाकर खाना डिलीवर करते थे. जब उनकी कहानी सोशल मीडिया पर सामने आई तो दुनिया भर के लोग भावुक हो गए और उन्होंने बुजुर्ग की मदद के लिए पैसे दान करने शुरू कर दिए.
इलाज और दवाइयों के लिए शुरू की डिलीवरी
रिचर्ड पुली और उनकी पत्नी ब्रेडा की शादी को 56 साल से ज्यादा समय हो चुका है. दोनों की उम्र काफी ज्यादा हो चुकी है और स्वास्थ्य भी पहले जैसा नहीं रहा. रिचर्ड पहले ही रिटायर हो चुके थे, लेकिन घर के खर्च और इलाज के लिए उन्हें दोबारा काम करना पड़ा. करीब दो साल पहले उनकी पत्नी की नौकरी भी चली गई थी. इसके बाद घर की जिम्मेदारी संभालने के लिए दोनों को मेहनत करनी पड़ी. ब्रेडा ड्राइविंग का काम करती थीं, जबकि रिचर्ड फूड डिलीवरी का काम करने लगे. हालांकि उनकी ज्यादातर कमाई इलाज और दवाइयों में ही खर्च हो जाती थी.
कैमरे में रिकॉर्ड हुई बुजुर्ग की परेशानी
रिचर्ड की जिंदगी तब बदलने लगी जब एक दिन एक महिला ने अपने घर के बाहर लगे कैमरे में उन्हें खाना डिलीवर करते हुए देखा. महिला का नाम ब्रिटनी स्मिथ है. वीडियो में रिचर्ड बहुत धीरे-धीरे सीढ़ियां चढ़ते हुए दिखाई दे रहे थे और उन्हें खड़े होने में भी काफी मुश्किल हो रही थी. उम्र और कमजोरी के बावजूद वे अपना काम पूरी ईमानदारी से कर रहे थे. यह दृश्य देखकर ब्रिटनी स्मिथ भावुक हो गईं. इसके बाद उन्होंने वह वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया और लोगों से इस बुजुर्ग दंपती की मदद करने की अपील की.वीडियो देखते ही हजारों लोग रिचर्ड की स्थिति से प्रभावित हो गए. कई लोगों ने कमेंट के जरिए सहानुभूति जताई, तो कई लोगों ने आर्थिक मदद करने की पेशकश की. ब्रिटनी ने इसके लिए एक ऑनलाइन फंडरेजिंग अभियान भी शुरू किया ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग इस बुजुर्ग कपल की मदद कर सकें.
लोगों ने 5 करोड़ रुपये की मदद की
देखते ही देखते यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया और दुनिया भर के लोगों ने इसमें दिलचस्पी दिखाई. कुछ ही दिनों में हजारों लोगों ने दान देना शुरू कर दिया. छोटी-छोटी रकम मिलकर बहुत बड़ी सहायता में बदल गई. इस अभियान के जरिए करीब 4.6 करोड़ रुपये यानी लगभग 5 करोड़ रुपये जमा हो गए. यह रकम बुजुर्ग दंपती के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं थी.
इतनी बड़ी आर्थिक मदद मिलने के बाद अब रिचर्ड और उनकी पत्नी को रोजाना मेहनत करके काम करने की मजबूरी नहीं रहेगी. वे अब आराम से अपनी जिंदगी गुजार सकते हैं और अपने इलाज का खर्च भी आसानी से उठा सकते हैं. यह घटना दिखाती है कि सोशल मीडिया सिर्फ समय बिताने का साधन नहीं है, बल्कि जरूरत पड़ने पर यह लोगों को एकजुट करके किसी की जिंदगी बदलने की ताकत भी रखता है. जब लोग मिलकर किसी जरूरतमंद की मदद करने का फैसला करते हैं, तो छोटी-छोटी कोशिशें भी बड़ा बदलाव ला सकती हैं.