10 बच्चों की अकेली मां ने अपने पारिवारिक जीवन के बारे में बताया कि वह कैसे सभी की परवरिश कर रही है. उसकी जिंदगी का हर दिन एक नई चुनौती होती है. फिर भी वह आगे और बच्चे पैदा करना चाहती है. यह सुनकर थोड़ा अजीब लग सकता है, लेकिन इस महिला की कहानी काफी दिलचस्प है.
द सन की रिपोर्ट के मुताबिक, साउथहैम्पटन की रहने वाली सोन्या ओ'लॉघलिन , एक सिंगल मां के रूप में अपने 10 बच्चों के साथ चार बेडरूम वाले काउंसिल हाउस में रहती हैं.मां को दिन-प्रतिदिन बहुत दबावों का सामना करना पड़ता है. इसमें परिवार चलाने के लिए वित्तीय प्रबंधन , रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने की जिम्मेदारी, अपने सभी बच्चों पर ध्यान देना और बच्चों की शैतानियों पर नजर रखना शामिल होता है.
सोन्या की छह बेटियां और चार बेटे हैं. सभी बच्चों के नाम क्रम अनुसार निकोला, लीह, शैनन, केओन, एरिन, काई, काना, लुईस, लेक्सी और डैनियल हैं. यूट्यूब के ओरिजिन चैनल से अपनी दिनचर्या के बारे में बात करते हुए सोन्या ने कहा किदस बच्चों के साथ जीवन काफी व्यस्त होता है. बच्चे मुझे हमेशा सतर्क रखते हैं.
सुबह छह बजे से शुरू हो जाती है भागदौड़
उनका दिन सुबह 6 बजे शुरू होता है. जब वह सबको जगाती हैं और स्कूल के लिए तैयार करती है. उन्होंने कहा कि सुबह का समय मेरे लिए सबसे चुनौतीपूर्ण होता है. क्योंति मुझे यह सुनिश्चित करना होता है कि सभी अपना नाश्ता कर लें. उन्होंने आगे कहा कि मैंने देखा है कि बड़े बच्चे जल्दी से कपड़े पहन लेते हैं, लेकिन उन्हें वास्तव में तैयार होने के लिए बहुत मोटिवेट करना पड़ता है और थोड़ा जोर लगाना पड़ता है.
उन्होंने आगे कहा कि छोटे बच्चों को थोड़ा ज्यादा प्रोत्साहन देना पड़ता है, नहीं तो वे स्कूल जाने से पहले सिर्फ अपने अंडरवियर में ही बैठे रहेंगे. सोन्या को परिवार के लिए घर का बना खाना बनाना बहुत पसंद है, लेकिन यह काफी मेहनत का काम है.उन्होंने बताया कि अगर आपको पता है कि आप क्या पकाने वाले हैं, तो 10 लोगों के परिवार को खाना खिलाना मुश्किल नहीं है.
सोन्या कहती हैं कि वह स्कूल के सामान पर लगभग 250 पाउंड खर्च करती हैं. शाम 4 बजे से 5 बजे के बीच मेरे लिए थोड़ी भागदौड़ हो जाती है क्योंकि सभी बच्चों को खाना खिलाना होता है.सभी बच्चे मेरा ध्यान चाहते हैं, मैं बस उनके लिए खाना बनाना चाहती हूं ताकि मैं उनके साथ अगली चीज पर ध्यान दे सकूं.
सरकारी सहायता से चलता है परिवार का खर्चा
उनके बच्चों के पसंदीदा व्यंजनों में से एक घर का बना स्टेक और किडनी पाई है, लेकिन यह सस्ता नहीं है. केवल मांस की कीमत ही 20 पाउंड पड़ती है. सोन्या सरकारी सहायता पर निर्भर है, जिसमें 460 पाउंड का चाइल्ड टैक्स क्रेडिट शामिल है और उसे अपने पैसे को सोच-समझकर खर्च करना पड़ता है, जिसमें से 179 पाउंड किराए पर और कम से कम 130 पाउंड हर हफ्ते खाने पर खर्च होते हैं.
खर्च कम करने के लिए, मां ने ऊपर के कमरे में कोई बल्ब नहीं लगवाया है. इसलिए अगर उन्हें या उनके बच्चों को रात में किसी चीज की जरूरत होती है, तो वे देखने के लिए सोन्या के फोन की टॉर्च का इस्तेमाल करते हैं. इससे झगड़े होते हैं और बच्चे अक्सर अपनी चीजें खो देते हैं.
सोन्या की सबसे बड़ी संतान शैनन है. उसे परिवार की अगली कमान संभालने वाली कहा जाता है. उसे अक्सर अपनी मां की मदद करनी पड़ती है. घर छोड़कर जा चुकी शैनन ने कहा कि जब मैं बूढ़ी हो जाऊंगी तो मुझे नहीं लगता कि मेरा बड़ा परिवार होगा. मुझे ऐसा होता हुआ नहीं दिखता क्योंकि मुझे पता है कि अभी स्थिति कैसी है.
मुझे ऐसे संदेश मिलते हैं जैसे बच्चे मेरा दिमाग खराब कर रहे हैं, क्या आप वापस आ सकती हैं. उसने आगे कहा कि मैं अपने भाई-बहनों से प्यार करती हूं, भले ही वे मुझे कभी-कभी तनाव देते हों. सोन्या कहती हैं कि उन्हें अपने बच्चों की चिंता "हर समय" रहती है, लेकिन वह मां होने की अपनी भूमिका या बड़े परिवार को किसी भी चीज के लिए नहीं बदलना चाहेंगी.
आगे भी मां बनने से इनकार नहीं है
उन्होंने आगे कहा कि मेरे पास अपने लिए पांच मिनट भी नहीं हैं, लेकिन मुझे नहीं पता कि बच्चों के बिना जीवन कैसा होगा. मां ने और बच्चे पैदा करने से इनकार नहीं किया है. उन्होंने कहा कि वह आगे भी प्रेग्नेंट होंगी, लेकिन आगे चलकर वह फैमिली प्लानिंग पर विचार करेंगी. यह स्वीकार करते हुए कि उन्होंने कभी इन चीजों का इस्तेमाल नहीं किया है.