7 मई 1843 को जापान के किसी नागरिक ने पहली बार अमेरिकी धरती पर कदम रखा था. मांजीरो नाम के 14 साल के इस लड़के को अमेरिका का पहला जापानी अप्रवासी माना जाता है , जो 7 मई, 1843 को व्हेल का शिकार करने वाले जहाज के जरिए अमेरिका तक पहुंचा था. उन्हें जापान में अमेरिका का पहला राजदूत भी कहा जाता है.
नेशनल एंडोमेंट ऑफ द ह्यूमैनिटीज के अनुसार , लड़का और उसके साथी एक भयंकर तूफान में फंस गए थे. उनका जहाज अंततः उनके जापानी तटीय गांव से 300 मील दूर एक रेगिस्तानी द्वीप पर जा पहुंचा. पांच महीने बाद व्हेल का शिकार करने वाले एक अमेरिकी जहाज ने उसे बचाया. इसके बाद मांजीरो को अमेरिकी कैप्टन विलियम व्हिटफील्ड ने गोद ले लिया, जिन्होंने उसका नाम बदलकर जॉन मुंग रख दिया और उसे वापस अमेरिका में मैसाचुसेट्स स्थित अपने घर ले आए.
एनईएच की रिपोर्ट के अनुसार, मांजीरो बाद में जापान लौट आए, जहां उन्हें समुराई की उपाधि दी गई और उन्होंने अपने गृह देश और पश्चिम के बीच एक राजनीतिक दूत के रूप में काम किया. नेशनल म्यूजियम ऑफ अमेरिकन हिस्ट्री के अनुसार , लगभग 20 साल बाद, 1860 के दशक में, जापानी प्रवासियों के समूह हवाई द्वीप समूह में आने लगे. जहां उन्होंने गन्ने के खेतों में काम किया.
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वहां से, कई लोग कैलिफोर्निया, वाशिंगटन और ओरेगन में जाकर बस गए. कांग्रेस लाइब्रेरी के अनुसार, 1886 से 1911 के बीच 400,000 से अधिक जापानी महिलाएं और पुरुष अमेरिका में आकर बस गए. विशेष रूप से हवाई और पश्चिमी तट पर. मांजीरो के शीघ्र आगमन की स्मृति में, कांग्रेस ने 1992 में मई महीने को एशियाई अमेरिकी और प्रशांत द्वीपवासी विरासत माह के रूप में स्थापित किया.