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'कमजोर-बूढ़ी हो गईं...' मां से 5 साल बाद मिला बेटा, टूट गया दिल, VIDEO देख नहीं रोक पाएंगे आंसू

इस शख्स ने पांच साल बाद अपनी मां को देखा और उन्हें देखते ही वो चिंता में पड़ गया. मां को बहुत सी चीजें याद नहीं थीं. वो पहले से ज्यादा बूढ़ी और कमजोर हो गईं. इनका इमोशनल वीडियो वायरल हो गया है.

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अपनी मां से पांच साल बाद मिला बेटा (तस्वीर- इंस्टाग्राम)
अपनी मां से पांच साल बाद मिला बेटा (तस्वीर- इंस्टाग्राम)

सोशल मीडिया पर एक शख्स का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें वो अपनी बूढ़ी मां को कंधे पर उठाकर घुमाने ले जाते हुए दिख रहा है. इस वीडियो को देख लोग इमोशनल हो रहे हैं. इस शख्स का नाम रोजन परम्बिल है, जो स्विटजरलैंड से 5 साल बाद अपने घर लौटे हैं. रोजन ने जब देखा कि उनकी मां पहले से ज्यादा कमजोर और बूढ़ी हो गई हैं, तब उनका दिल टूट गया. मां कई चीजें भूल भी चुकी हैं. इसके बाद उन्होंने मां को ट्रिप पर ले जाने का फैसला लिया.

रोजन ने उन्हें कंधे पर उठाकर कार में बिठाया. इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर ह्यूमन्स ऑफ केरल ने शेयर किया है. रोजन की मां कार में बैठने के बाद एक दूसरी महिला द्वारा चाय दिए जाने पर हाथ में कप पकड़े दिख रही हैं. 

'अधिक बूढ़ी और कमजोर दिखीं'

रोजन का कहना है, 'मैं 5 साल बाद अमाची से मिला. वो अधिक बूढ़ी और कमजोर दिखीं. उन्होंने बाहर निकलना छोड़ दिया था, तो मैंने उन्हें तैयार किया और अपनी कार में बैठने में मदद की. हम उनके होमटाउन तक गए. वो कई सारी चीजें भूल गई थीं, लेकिन मैं नहीं भूला.' रोजन अपनी मां को स्विटजरलैंड भी घुमा चुके हैं. वो इन्हीं यादों को दोबारा ताजा करना चाहते थे. इसलिए घुमाने ले गए. मां अधिक उम्र और सेहत के कारण ज्यादा पास वाली जगह तक ही जा सकती थीं, तो रोजन उन्हें वहीं ले गए.

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उनका कहना है, 'सालों पहले मैं अमाची को स्विटजरलैंड ले गया था और यूरोप घुमाया. वो नई जगह देखकर काफी खुश हुईं. लेकिन मैं कोविड के कारण करीब 5 साल बाद ही भारत आया. अमाची को देखकर मेरा दिल टूट गया. वो अधिक बूढ़ी दिख रही थीं... पहले से ज्यादा सफेद बाल, और कमजोर थीं. वो ठीक से न खड़ी हो पा रही थीं और न ही चल पा रही थीं. उन्होंने मुझे बताया कि वो कई साल से चर्च भी नहीं गईं. मैंने उन्हें बाहर ले जाने का फैसला लिया.'

वृद्धाश्रम में भी काम करते हैं रोजन

रोजन कहते हैं, 'मैं स्विटजरलैंड में एक वृद्धाश्रम में काम करता हूं. इसलिए मुझे अनुभव है, मैंने उन्हें नहलाया, बहन से उन्हें कपड़े पहनाने को कहा और अपनी कार से ले जाने का फैसला लिया. हर किसी ने कहा कि ये सही विचार नहीं है. लेकिन मैं आगे बढ़ा. मैंने उन्हें कंधे पर उठाया और अपनी कार में बिठा दिया. और 20 किलोमीटर दूर उन्हें उनके होमटाउन अथिरुंपुझा ले गया.' 

वो कहते हैं, 'मैंने दुनिया के अलग अलग स्थानों पर रहने वाले अपने भाई बहनों को सेंड करने के लिए वीडियो बनाए. वो भी अमाची को देखकर चिंता में पड़ गए, लेकिन उन्हें देखकर खुश भी थे. मैं उन्हें नीलकुरिंजी ले गया. वो ट्रिप से आने के बाद थक गई थीं और बीमार हो गईं. लेकिन खुश भी थीं, क्योंकि वो यहां जाना चाहती थीं.' इंटरनेट पर लोग इनके प्यार को देख भावुक हो रहे हैं. और इनकी खूब तारीफ भी कर रहे हैं.

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