सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें एक शख्स पेट्रोल पंप पर बड़े प्लास्टिक के पानी वाले जार में पेट्रोल भरवाते हुए दिखाई दे रहा है. बताया जा रहा है कि यह वीडियो तमिलनाडु के विलुप्पुरम शहर के एक पेट्रोल पंप का है.वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है कि क्या इतनी बड़ी मात्रा में प्लास्टिक कंटेनर में पेट्रोल भरवाना भारत में कानूनी है.
वीडियो में क्या दिख रहा है?
वायरल वीडियो में एक शख्स बाइक पर बैठा नजर आता है और उसके हाथ में बड़ा प्लास्टिक का पानी वाला कैन होता है. पेट्रोल पंप का एक कर्मचारी उस कंटेनर में पेट्रोल भरता दिखाई देता है.
जैसे ही उसका जार भरता है, एक दूसरा व्यक्ति भी दो लीटर की प्लास्टिक बोतल लेकर पेट्रोल भरवाने के लिए आगे आ जाता है. वीडियो में पेट्रोल पंप पर लोगों की भीड़ भी दिखाई देती है, जिससे यह अंदेशा जताया जा रहा है कि लोग बड़ी मात्रा में ईंधन जमा करने की कोशिश कर रहे हैं.
क्यों हो रही है चर्चा?
यह वीडियो ऐसे समय सामने आया है जब पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के कारण सोशल मीडिया पर ईंधन की कमी की अफवाहें फैल रही हैं.ऐसे में कई लोगों को डर है कि घबराहट में लोग पेट्रोल और डीजल जमा करना शुरू कर सकते हैं. इससे बाजार में कृत्रिम कमी पैदा होने की आशंका भी जताई जा रही है.
देखें वायरल वीडियो
सोशल मीडिया पर क्या बोले लोग?
वीडियो वायरल होने के बाद कई सोशल मीडिया यूजर्स ने सवाल उठाए.एक यूजर ने लिखा कि क्या यह कानूनी है? दूसरे ने पूछा कि पेट्रोल पंप ऐसा करने की अनुमति कैसे दे रहा है?कुछ लोगों ने इसे गलत बताते हुए कहा कि इससे घबराहट फैलती है और लोग जरूरत से ज्यादा ईंधन जमा करने लगते हैं.एक अन्य यूज़र ने लिखा कि यह वास्तव में अपराध है. इससे कृत्रिम कमी पैदा हो सकती है. लोग भविष्य में कमी के डर से जरूरत से ज्यादा तेल जमा करने लगते हैं.
क्या कहता है नियम?
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के नियमों के मुताबिक पेट्रोल या अन्य पेट्रोलियम उत्पादों को कंटेनर में भरने के लिए कुछ सीमाएं तय की गई हैं.नियमों के अनुसार पेट्रोल (पेट्रोलियम क्लास A) को एक लीटर से अधिक क्षमता वाले कंटेनर में तभी रखा जा सकता है, जब वह कंटेनर चीफ कंट्रोलर द्वारा अनुमोदित यानी अप्रूव्ड हो.
पेट्रोलियम को फ्लैश पॉइंट के आधार पर तीन श्रेणियों में बांटा गया है.
क्लास A: फ्लैश पॉइंट 23°C से कम
क्लास B: 23°C से 65°C के बीच
क्लास C: 65°C से 93°C के बीच
पेट्रोल क्लास A श्रेणी में आता है. इसलिए इसे केवल सुरक्षित और स्वीकृत कंटेनर में ही रखने की अनुमति दी जाती है.