अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर अब सीधे वैश्विक तेल बाजार पर दिखने लगा है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के फैसलों के बाद हालात ऐसे बने हैं कि तेल की कीमतों में तेज उछाल देखने को मिल रहा है.
इस्लामाबाद में हुई वार्ता के विफल होने और अमेरिका की ओर से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़े समुद्री रास्तों पर सख्ती के ऐलान के बाद कच्चे तेल की कीमत 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई है. इस स्थिति का असर केवल वैश्विक बाजार तक सीमित नहीं है, बल्कि अमेरिकी जनता भी महंगे ईंधन से परेशान हो रही है.
इसी बीच ईरान ने इस मुद्दे पर अमेरिका को घेरने का मौका नहीं छोड़ा. ईरान की संसद के स्पीकर मोहम्मद बाकर गालिबाफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर अमेरिकी नीति का मजाक उड़ाया. उन्होंने व्हाइट हाउस के पास पेट्रोल की कीमतों की तस्वीर शेयर करते हुए लिखा कि अभी की कीमतों का आनंद ले लो, क्योंकि हालात ऐसे ही रहे तो जल्द ही 4–5 डॉलर प्रति गैलन वाली कीमत भी लोगों को सस्ती लगेगी.
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गालिबाफ का यह बयान उस समय आया जब अमेरिकी सेना ने ईरान से जुड़े समुद्री मार्गों पर नाकेबंदी लागू करने की तैयारी शुरू की. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने घोषणा की कि वह भारतीय समयानुसार शाम 7:30 बजे से इस कार्रवाई को लागू करेगा. इस कदम के तहत ईरानी बंदरगाहों से आने-जाने वाले जहाजों पर नजर रखी जाएगी, खासकर अरब खाड़ी और ओमान की खाड़ी के इलाकों में.
हालांकि अमेरिकी अधिकारियों ने साफ किया है कि यह कार्रवाई वैश्विक समुद्री मार्गों को बाधित करने के लिए नहीं है. उनका कहना है कि अन्य देशों के जहाजों की आवाजाही प्रभावित नहीं होगी, लेकिन ईरान से जुड़े व्यापारिक जहाजों पर सख्ती की जाएगी. इसके बावजूद इस कदम ने वैश्विक बाजार में चिंता बढ़ा दी है, क्योंकि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक सप्लाई का बड़ा हिस्सा गुजरता है.
गालिबाफ ने शेयर किया मैथेमैटिकल इक्वेशन
गालिबाफ ने अपने पोस्ट में एक मैथेमैटिकल इक्वेशन भी शेयर किया-O_BSOH > 0 f(f(O)) > f(O). सोशल मीडिया यूजर्स ने तकनीकी तंज के रूप में देखा. इसका संकेत यह था कि अगर होर्मुज में दबाव बढ़ता है, तो तेल की कीमतों में सिर्फ एक बार नहीं, बल्कि कई चरणों में तेजी आएगी.
अमेरिका और ईरान के बीच यह टकराव अब केवल कूटनीति तक सीमित नहीं रहा. इसका सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है, और आने वाले दिनों में स्थिति और गंभीर हो सकती है.