सोशल मीडिया पर एक पोस्ट वायरल हो रहा है. जिसमें आप देख सकते हैं कि अफगानिस्तान में एक भारतीय पर्यटक को तालिबान ने नियमित पासपोर्ट जांच के लिए एक चेकपॉइंट पर रोक लिया गया. लेकिन जैसे ही उसने बताया कि वह भारत से है, तालिबानी शख्स ने मुस्कुराते हुए उसका स्वागत किया और उसके डॉक्यूमेंट की जांच किए बिना ही उसे जाने दिया. अफगानिस्तान अपने सच्चे दोस्तों के साथ ऐसा ही व्यवहार करता है. वीडियो में आप देख सकते हैं कि चेक पोस्ट पर रुकने पर बाइक सवार सबसे पहले सलाम वालेकुम कहता है. इसके बाद चेकपॉइंट पर खड़ा व्यक्ति कहता है, कौन से देश से हो- वह कहता है इंडिया.
'डॉक्यूमेंट दिखाने की जरूरत नहीं'
चेक पॉइंट पर खड़ा व्यक्ति कहता है-वेलकम काबुल, अफगानिस्तान. वह शख्स आगे कहता है-इंडिया-अफगानिस्तान ब्रदर. इसके बाद जब बाइक सवार अपना पासपोर्ट और दूसरे डॉक्यूमेंट दिखाता है तो चेकपॉइंट पर खड़ा शख्स कहता है-नो प्रॉब्लम, डॉक्यूमेंट दिखाने की जरूरत नहीं है. आगे वह कहता है-no need to इजाजतनामा. इसके बाद वह इंडियन बाइक सवार से चाय के लिए पूछता है, तब बाइक सवार करता है कि मुझे लेट हो रहा है. लेकिन शुक्रिया.
इसके बाद बाइक सवार कहता है- देखा आपने, इंडिया सुनकर कैसे उससे बात करने का तरीका ही चेंज हो गया. आगे वह कहता है कि पूरे दुनिया में तो इंडिया के साथ रिश्ते अच्छे नहीं चल रहे हैं. लेकिन अफगानिस्तान में अभी भी रेप्यूटेशन हैं.
सोशल मीडिया पर पोस्ट वायरल
इस पोस्ट पर लोग जमकर कमेंट कर रहे हैं. रवि प्रकाश नाम के यूजर ने लिखा-याराना बहुत पुराना है. आदिमानव नाम के यूजर ने लिखा- मुझे यकीन है कि अब पाकिस्तानी काबुल में घुसने के लिए खुद को भारतीय कहेंगे. पश्चिमी देशों में वे यही करते रहे हैं. वे सबको बताते हैं कि वे भारतीय हैं. मयूर परब नाम के यूजर ने लिखा- यह वाकई दिल को छू लेने वाला पल है. सबसे अप्रत्याशित जगहों पर भी, सम्मान और दोस्ती झलकती है. भारत और अफगानिस्तान के बीच का रिश्ता राजनीति से परे है. यह दशकों की सद्भावना, संस्कृति और मानवता पर आधारित है. प्यार और शांति हमेशा वहीं जीतते हैं जहां दिल होते हैं. इंडोइनसाइटन्यूज नाम के यूजर ने लिखा- दोस्ती की ताकत है. कोई डर नहीं, कोई संदेह नहीं - सिर्फ सम्मान और भाईचारा जो राजनीति या सीमाओं से परे है.
( नोट: यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल पोस्ट पर आधारित है. aajtak.in इन दावों की पुष्टि नहीं करता है. )