कई बार सोशल मीडिया पर ऐसे पोस्ट वायरल होते हैं जिसे देखकर लोग हैरान हो जाते हैं. ऐसा ही एक मामला हैदराबाद से सामने आया है. हैदराबाद के एक व्यक्ति का कहना है कि उन्हें अपने अपार्टमेंट में एक महिला सहकर्मी को लाने पर सोसायटी के सचिव से नोटिस मिला है. अपार्टमेंट में किराए पर रहने वाले इस व्यक्ति ने नोटिस की फोटो रेडिट पर शेयर की है, इसे देखने के बाद कानूनों और मौलिक अधिकारों पर एक नई बहस छेड़ दी है.
वायरल हो रहा है रेडिट पोस्ट
हैदराबाद के व्यक्ति ने रेडिट पर फोटो पोस्ट कर लिखा कि पिछले महीने मैंने अपनी महिला सहकर्मी को नाश्ते, चाय और रात के खाने के लिए दो-तीन बार अपने अपार्टमेंट में बुलाया था और मुझे अपार्टमेंट के सचिव से यह नोटिस मिला. किसी को कोई परेशानी नहीं हुई, न ही तेज आवाज में गाना बजाया लेकिन समझ नहीं आ रहा है कि क्या कहूं. नोटिस में अपार्टमेंट के सचिव ने उन्हें चेतावनी दी थी कि वे इस तरह की गलती दोबारा न करें वरना उन्हें अपार्टमेंट खाली करने के लिए कहा जा सकता है.
नोटिस में इन बातों का किया जिक्र
यह सूचना आपकी है कि पिछले एक महीने से हमारे अपार्टमेंट के निवासियों से हमें कुछ शिकायतें मिली हैं कि कुछ निवासी वीकेंड या वीक डे पर महिला सहकर्मियों को अपने फ्लैट में आने की अनुमति दे रहे हैं, जो अपार्टमेंट के नियमों के खिलाफ है. अपार्टमेंट मालिक अपने किराएदारों से इस प्रकार की गलतियों को बर्दाश्त नहीं करेंगे और यदि भविष्य में ऐसी गलतियां दोहराई जाती हैं, तो वे उन किरायेदारों को तुरंत अपने फ्लैट खाली करने के लिए कहेंगे. आशा है कि आप स्थिति को समझेंगे.
सोशल मीडिया यूजर्स ने दी सलाह
इस पोस्ट के वायरल होने के बाद कुछ रेडिट यूजर्स ने व्यक्ति से किराएदार से जवाब मांगने को कहा है. एक यूजर ने लिखा कि सोसायटी से लिखित में नियमों की कॉपी मांगी जाए और यह भी पूछा जाए कि ये नियम किस मीटिंग में पास हुए थे. साथ ही यह सवाल भी उठाया जाए कि क्या सोसायटी के नियम किसी के मौलिक अधिकारों के खिलाफ हो सकते हैं. दूसरे यूजर ने लिखा कि अगर किराए के एग्रीमेंट में साफ-साफ ऐसा नियम नहीं लिखा है, तो मेहमानों पर रोक लगाना कानूनी रूप से सही नहीं लगता. कुछ लोगों ने बताया कि उन्हें भी ऐसे भेदभाव का सामना करना पड़ा है. वहीं, एक दूसरे यूजर ने लिखा कि इसी कारण उन्होंने बड़े हाउसिंग कॉम्प्लेक्स में रहना छोड़ दिया और एक छोटे अपार्टमेंट में शिफ्ट हो गए, जहां ज्यादातर अविवाहित लोग रहते हैं. उन्होंने बताया कि पिछले तीन साल से वे वहां आराम से रह रहे हैं.