सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो तेजी से फैल रहा है. क्लिप में कुछ लोग सड़क किनारे रखे कूड़ेदान से मिठाइयां निकालकर ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं. वीडियो सामने आते ही लोग स्तब्ध हैं.क्योंकि त्यौहारों के मौसम में लोग अपनी सेहत के नाम पर आखिर ऐसी लापरवाही कैसे कर सकते हैं?
होली नजदीक है और हर साल की तरह इस बार भी बाजार में मिलावटी मिठाइयों का खतरा बढ़ गया है. इसी वजह से फूड विभाग पूरे प्रदेश में छापेमारी कर रहा है. हापुड़ में भी ऐसी ही कार्रवाई हुई, लेकिन कार्रवाई के बाद जो नजारा देखने को मिला, उसने विभाग की गंभीरता पर ही सवाल खड़े कर दिए.
क्या हुआ था हापुड़ में?
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने मिलावटी आइटम बेचने वाले व्यापारियों पर कार्रवाई कर रही थी. इस दौरान उन्होंने मिलावटी मिठाई बरामद की. इसके बाद मिलावटी सामान को डस्टबिन में फेंक दिया गया. अब वीडियो वायरल के साथ दावा किया जा रहा है कि जिस मिठाई या खाने के आइटम को मिलावटी मानकर फेंका गया था, उसे ही कचरे से उठाकर ले गए. पूरी घटना किसी ने वीडियो में कैद कर सोशल मीडिया पर शेयर कर दी.वायरल वीडियो में साफ दिख रहा है कि लोग कचरे से खाने का सामान उठाकर भाग रहे हैं, जिसके लिए कहा जा रहा है कि वो मिलावटी है.
देखें वायरल वीडियो
वायरल वीडियो ने खड़े किए सवाल
वीडियो वायरल होते ही लोग फूड विभाग की कार्यप्रणाली पर भी भड़क उठे. कई यूज़र्स ने पूछा-जब यह मिठाइयां मिलावटी और स्वास्थ्य के लिए हानिकारक थीं, तो इन्हें ऐसे खुले में क्यों फेंका गया?” स्थानीय लोगों का आरोप है कि डस्टबिन में मिठाई डालना सीधी लापरवाही है, क्योंकि इससे वह फिर से किसी के घर पहुंच सकती है. और वही हुआ.लोग बिना सोचे-समझे मिठाई उठाकर ले गए.
बता दें कि होली और रमजान के त्योहार से पहले गाजियाबाद और हापुड़ में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ अभियान छेड़ा है और कई मिलावटी सामान बरामद किए हैं. टीम की ओर से 2500 किलो पनीर और 200 किलो मावा जब्त कर नष्ट किया जा चुका है. जब्त किए गए माल को जमीन में दफन कराया जा रहा है. विभाग के अनुसार 30 से 35 नमूने भी जांच के लिए भरे गए हैं.