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मृत पिता के मोबाइल नंबर पर बेटी भेजती रही मैसेज, 4 साल बाद मिला जवाब

किसी अपने को खोने का दर्द शब्दों में बयां करना आसान नहीं होता, जब कोई बेहद करीबी व्यक्ति इस दुनिया से चला जाता है, तो उसकी यादें लंबे समय तक हमारे साथ रहती हैं. कई लोग उन यादों को तस्वीरों, चिट्ठियों या पुरानी चीजों के जरिए संजोकर रखते हैं.

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 चेस्टिटी पैटरसन ने अपने पिता समान व्यक्ति की यादों को जिंदा रखने के लिए एक अनोखा तरीका चुना. ( Photo: AI)
चेस्टिटी पैटरसन ने अपने पिता समान व्यक्ति की यादों को जिंदा रखने के लिए एक अनोखा तरीका चुना. ( Photo: AI)

क्या आपने कभी किसी ऐसे इंसान को खोया है, जिसे आप अपनी पूरी दुनिया मानते थे? ऐसा इंसान, जिसके बिना हर खुशी अधूरी लगने लगे... हर उपलब्धि फीकी पड़ जाए... और हर मुश्किल में सबसे पहले उसी की याद आए. कहा जाता है कि जब कोई इस दुनिया से चला जाता है, तो उससे बातचीत खत्म हो जाती है. लेकिन क्या सच में ऐसा होता है? आज की यह कहानी एक ऐसी बेटी की है, जिसने अपने पिता को खोने के बाद भी उनसे बात करना बंद नहीं किया. चार साल तक, हर दिन, हर खुशी, हर दर्द, वह एक ऐसे नंबर पर मैसेज भेजती रही, जहां से कभी कोई जवाब नहीं आता था. लेकिन फिर एक दिन, चार साल बाद, उस नंबर से एक मैसेज आया और उस एक मैसेज ने लाखों लोगों को रुला दिया. चलिए जानते हैं कहानी.

पिता के जाने के बाद भी नहीं टूटा रिश्ता
चेस्टिटी की लाइफ में उनके पिता उनके लिए सब कुछ थे. उनकी मौत के बाद वह खुद को काफी अकेला महसूस करने लगी थीं. ऐसे में उन्होंने उनके पुराने फोन नंबर पर मैसेज भेजना शुरू कर दिया. वह मानती थीं कि भले ही सामने से कोई जवाब नहीं आएगा, लेकिन अपनी बातें लिखकर उन्हें ऐसा महसूस होता था जैसे वह अब भी अपने पिता से बात कर रही हों. समय बीतता गया, लेकिन चेस्टिटी ने मैसेज भेजना नहीं छोड़ा. वह अपने जीवन की हर छोटी-बड़ी बात उस नंबर पर लिखती थीं. कभी नौकरी से जुड़ी खबर, कभी किसी परेशानी का जिक्र, तो कभी अपनी उपलब्धियों की जानकारी. यह सिलसिला पूरे चार साल तक चलता रहा.

चौथी बरसी पर भेजा सबसे भावुक संदेश
साल 2019 में उनके पिता की मौत की चौथी बरसी थी. इस मौके पर चेस्टिटी ने एक लंबा और भावुक मैसेज लिखा. उन्होंने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में उनकी जिंदगी में क्या-क्या बदलाव आए. उन्होंने लिखा कि उन्होंने कैंसर जैसी गंभीर बीमारी को हराया, कॉलेज से सम्मान के साथ ग्रेजुएशन पूरा किया और जीवन की कई कठिन चुनौतियों का डटकर सामना किया. साथ ही उन्होंने यह भी लिखा कि उन्हें अपने पिता की बहुत याद आती है और काश वे उनकी इन उपलब्धियों को देख पाते. हर बार की तरह इस बार भी उन्हें किसी जवाब की उम्मीद नहीं थी. लेकिन कुछ ही देर बाद उनके फोन पर एक रिप्लाई आया. यह देखकर वह हैरान रह गईं. चार साल में पहली बार उस नंबर से किसी ने जवाब दिया था.

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आखिर कौन था मैसेज का जवाब देने वाला?
मैसेज भेजने वाले व्यक्ति का नाम ब्रैड था. उसने बताया कि अब यह नंबर उसके पास है और वह पिछले कई वर्षों से चेस्टिटी के सभी संदेश पढ़ रहा था. ब्रैड ने लिखा कि उसने जानबूझकर कभी जवाब नहीं दिया, क्योंकि वह चेस्टिटी और उनके दिवंगत पिता के बीच बने इस इमोशनल रिश्ते को तोड़ना नहीं चाहता था. ब्रैड ने अपने मैसेज में चेस्टिटी की हिम्मत और संघर्ष की भी तारीफ की. उसने कहा कि वह उनके हर मैसेज का इंतजार करता था और उनके जीवन की प्रगति देखकर खुश होता था. ब्रैड ने यह भी बताया कि उसने अपनी बेटी को एक सड़क दुर्घटना में खो दिया था. बेटी की मौत के बाद वह खुद भी गहरे दुख में था.

चेस्टिटी के संदेश बने किसी और के लिए सहारा
ब्रैड के अनुसार, चेस्टिटी के मैसेज सिर्फ उनके लिए नहीं थे, बल्कि वे उसके लिए भी उम्मीद और सुकून का जरिया बन गए थे. जब भी वह चेस्टिटी के मैसेज पढ़ता, उसे लगता कि जिंदगी में आगे बढ़ना संभव है और मुश्किल हालात के बाद भी इंसान नई शुरुआत कर सकता है.

सोशल मीडिया पर लोगों को रुला गई कहानी
यह कहानी सोशल मीडिया पर सामने आते ही तेजी से वायरल हो गई. लाखों लोगों ने इसे पढ़कर भावुक प्रतिक्रियाएं दीं. कई लोगों ने कहा कि यह कहानी दिखाती है कि इंसानी रिश्ते, यादें और भावनाएं कितनी गहरी होती हैं. वहीं कुछ लोगों ने इसे उम्मीद, प्यार और संवेदनाओं की एक खूबसूरत मिसाल बताया. आज भी यह कहानी इंटरनेट पर सबसे भावुक और प्रेरणादायक घटनाओं में से एक मानी जाती है, जिसने यह साबित कर दिया कि कभी-कभी एक साधारण सा संदेश भी दो अजनबियों के जीवन में रोशनी और सहारा बन सकता है.

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