पूर्वी चीन के जियांग्सू प्रांत में एक प्राइमरी स्कूल ने अपने यहां एक टीचर को सस्पेंड कर दिया. दरअसल, इस महिला टीचर ने छोटी बच्चियों को क्लास में ऐसी सजा दी थी जिससे बवाल मच गया था.
बीते 8 दिसंबर को, झू नाम की टीचर ने देखा कि उसकी क्लास के बीच में कुछ बच्चियां नाश्ता कर रही थीं. इससे भड़की टीचर ने उन्हें खुद ही खुद को थप्पड़ मारने की सजा दी और जब बच्चियों ने खुद से जोर से थप्पड़ नहीं मारा तो टीचर ने क्लास के लड़कों से उन्हें थप्पड़ मारने को कहा. झू ने लड़को से पूछा कि क्या उनमें से कोई लड़कियों को थप्पड़ मारने के लिए तैयार है, तो उनमें से कुछ ने हां में सिर हिलाया.
रिपोर्ट के मुताबिक, इसके बाद झू ने फिर कुछ लड़कों को बच्चियों को थप्पड़ मारने के लिए चुना. बच्चियों ने जब ये बात घर पर बताई तो गुस्साए माता-पिता ने स्कूल के वीचैट ग्रुप में शिकायत की जिसके बाद से मामला चर्चा में आ गया. एक गार्जियन ने कहा- मेरी बेटी को एक लड़के ने पांच बार थप्पड़ मारे. जब वह घर लौटी तो उसका चेहरा लाल था.
एक अन्य ने टीचर से सवाल किया- "जब मेरी बेटी को क्यों पीटा गया, जबकि उसने खाना खाया ही नहीं था? एक बच्ची के पिता ने मांग की कि वो लड़के, लड़कियों से माफ़ी मांगें और टीचर को फटकार लगाई कि वह लड़कों को समझाएं कि लड़कियों को मारना किसी तरह से कोई बहादुरी की बात नहीं है.
वहीं एक लड़की को थप्पड़ मारने वाले लड़के की माँ ने अपने बेटे का बचाव करते हुए कहा- मेरा बेटा छोटा है और उसने वही किया जो टीचर ने कहा. इधर झू ने चैट ग्रुप में माफ़ी मांगी और लिखा- मैंने इसके बारे ध्यान से नहीं सोचा था. यह मेरी गलती है और मैं सभी छात्रों और अभिभावकों से माफी मांगती हूं. हालांकि इसके बाद भी झू को सस्पेंड कर दिया गया है और स्कूल प्रिंसिपल ने कहा कि उसे और भी सजा का सामना करना पड़ सकता है. उन्होंने बताया कि वह स्थानीय शिक्षा प्राधिकरण के जांच के दायरे में भी है. हेडमास्टर ने द पेपर को बताया, 'टीचर झू कुछ पारिवारिक मामलों के कारण डिस्टर्ब मूड में थी और अपना आपा खो बैठी थी.'
बता दें कि चीन में ये इस तरह का कोई पहला मामला नहीं है. इस साल की शुरुआत में, मध्य हुनान प्रांत में एक टीचर ने नौ साल की एक लड़की के सिर पर मेटल के स्केल से हमला कर दिया था, जिससे उसकी खोपड़ी टूट गई थी.