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5 राउंड इंटरव्यू के बाद मिली जॉब, एक छोटी गलती से दो हफ्ते में ही गई नौकरी

कर्मचारी ने पहले पांच दौर के इंटरव्यू पास किए थे और कंपनी के सह-संस्थापक उसकी प्रोफाइल से प्रभावित थे. लेकिन ऑनबोर्डिंग के दौरान एक ईमेल के ड्राफ्ट में व्याकरण की गलती मिलने पर मैनेजर ने उसे नौकरी से निकाल दिया.

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कनाडा की एक फिनटेक स्टार्टअप कंपनी में एक कर्मचारी को नौकरी जॉइन करने के सिर्फ दो हफ्ते बाद ही निकाल दिया गया. ( Photo: Pexels)
कनाडा की एक फिनटेक स्टार्टअप कंपनी में एक कर्मचारी को नौकरी जॉइन करने के सिर्फ दो हफ्ते बाद ही निकाल दिया गया. ( Photo: Pexels)

कनाडा की एक फिनटेक स्टार्टअप कंपनी में एक कर्मचारी को नौकरी जॉइन करने के सिर्फ दो हफ्ते बाद ही निकाल दिया गया. बताया जा रहा है कि कर्मचारी ने ईमेल के ड्राफ्ट में व्याकरण की गलती कर दी थी, जिसकी वजह से कंपनी ने उसे नौकरी से निकाल दिया. मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस कर्मचारी को नौकरी मिलने से पहले पांच राउंड के इंटरव्यू देने पड़े थे. सभी इंटरव्यू पास करने के बाद कंपनी के सह-संस्थापक उसकी प्रोफाइल से काफी प्रभावित हुए और अगले ही दिन उसे जॉब ऑफर मिल गया.

ऑनबोर्डिंग के दौरान सीख रहा था काम
कर्मचारी ने बताया कि वह अभी कंपनी के ऑनबोर्डिंग फेज में था और सीख रहा था कि सपोर्ट टीम कैसे काम करती है. वह सहकर्मियों के साथ मिलकर यह समझ रहा था कि कस्टमर सपोर्ट टिकट कैसे संभाले जाते हैं और ग्राहकों से कैसे बात की जाती है. उसका कहना था कि टीम के हर सदस्य का काम करने का तरीका थोड़ा अलग था, इसलिए वह अभी सही तरीका समझने की कोशिश कर रहा था.

ईमेल के ड्राफ्ट में थी गलती
रिपोर्ट के मुताबिक, एक दिन कर्मचारी ने एक ईमेल का ड्राफ्ट तैयार किया, जिसमें ग्रामर की गलती थी. यह ईमेल सिर्फ ड्राफ्ट था और ग्राहक को भेजा भी नहीं गया था. कर्मचारी का कहना है कि वह पहले ड्राफ्ट बनाता है और बाद में उसे ठीक करके अंतिम ईमेल भेजता है. लेकिन मैनेजर ने इस गलती को गंभीर मानते हुए उसे नौकरी से निकाल दिया.

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रेडिट पर शेयर की पूरी कहानी
नौकरी से निकाले जाने के बाद कर्मचारी ने अपना अनुभव सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Reddit पर शेयर किया. इसके बाद यह पोस्ट तेजी से वायरल हो गई और लोगों के बीच चर्चा शुरू हो गई.

लोगों ने कंपनी के फैसले पर उठाए सवाल
रेडिट पर कई यूजर्स ने कर्मचारी के प्रति सहानुभूति जताई और कंपनी के फैसले पर सवाल उठाए. एक यूजर ने कहा कि कंपनी की भर्ती प्रक्रिया ही संदिग्ध लगती है. दूसरे यूजर ने लिखा कि शायद कंपनी को ज्यादा अनुभव वाले कर्मचारी से तुरंत बेहतर काम की उम्मीद थी. वहीं एक अन्य यूजर ने कहा कि पांच इंटरव्यू लेना ही सही तरीका नहीं लगता. इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर वर्कप्लेस प्रेशर, प्रोबेशन पीरियड और नए कर्मचारियों से कंपनियों की उम्मीदों को लेकर बड़ी बहस शुरू हो गई है.

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