दुनिया की सबसे ऊंची इमारत बुर्ज खलीफा पर बीते दिनों आधी और बारिश के बीच कड़कड़ाती बिजली गिरी. उस वक्त पूरा आसमान दुधिया रोशनी से जगमगा गया. इस क्षण को कई लोगों ने अपने कैमरे में कैद कर लिया. अब बुर्ज खलीफा पर बिजली गिरने का ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.
लगभग 2,722 फीट ऊंची इस विशाल संरचना बिजली गिरने की घटना ऐसी दिखाई दी, जैसे प्रकृति अपनी ताकत दिखा रही हो और बुर्ज खलीफ उसे रोकने का प्रयास कर रही है. इस सप्ताह यूएई में भारी बारिश हुई है. ये हैरान कर देने वाला नजारा अक्सर नहीं दिखाई देता है.
बुर्ज खलीफा पर बिजली गिरने के बाद क्या हुआ?
गल्फ न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, 828 मीटर ऊंची इस बिल्डिंग पर बिजली गिरने के बाद जैसा नजारा सामने आया, उसे देख कोई भी सहम जाए. हालांकि, वज्रपात का बुर्ज खलीफा पर कोई खास असर नहीं हुआ. बिजली गिरने से अंदर मौजूद लोगों को कोई नुकसान नहीं पहुंचा.
828 मीटर की ऊंचाई होने के साथ, बुर्ज खलीफा दुबई का सबसे ऊंचा स्थान बन गया है, जिससे आंधी-तूफान के दौरान इसके आसमानी बिजली का यह आसानी से लक्ष्य बन जाता है. सीधे शब्दों में कहें तो, यह टावर शहर के लिए बिजली को रोकने का काम करता है. यह बिजली को सुरक्षित रूप से आकर्षित करता है और आसपास के क्षेत्रों को वज्रपात से सुरक्षित कर देता है.
इमारत कैसे सुरक्षित रहती है
बिजली गिरने के बाद भी बुर्ज खलीफा को कुछ नहीं हुआ और न ही इसके अंदर मौजूद लोगों को कोई नुकसान पहुंचा. इसका कारण यह है कि इमारत में बिजली से बचाव के लिए एक स्मार्ट सिस्टम लगा हुआ है.सबसे ऊपरी हिस्से में एक विशेष प्रकार की बिजली की छड़ लगी है, जिसे बिजली गिरने पर उसे झेलने के लिए डिजाइन किया गया है. बिजली गिरने पर, करंट मेटल के तारों के जाल के माध्यम से इमारत के बाहरी हिस्से से नीचे की ओर चली जाती है.
बिजली कहां जाती है?
टावर का स्टील फ्रेम करंट के लिए एक सुरक्षित रास्ते की तरह काम करता है. इससे यह तय होता है कि बिजली सुरक्षित रूप से नीचे की ओर चली जाए. इमारत से बाहर निकलने के बाद, इलेक्ट्रिक चार्ज को ग्राउंडिंग सिस्टम के माध्यम से सुरक्षित रूप से जमीन में फैला दिया जाता है.