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दुबई में ईरान की मिसाइलों का वीडियो बनाना पड़ा भारी, ब्रिटिश टूरिस्ट पर केस; हो सकती है 2 साल की जेल

दुबई में छुट्टियां मनाने गए एक 60 वर्षीय ब्रिटिश पर्यटक पर ईरानी मिसाइलों का वीडियो बनाने के आरोप में साइबर क्राइम कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है. रिपोर्ट्स के मुताबिक, उस व्यक्ति ने शहर के ऊपर दिखाई दे रही मिसाइलों को अपने कैमरे में रिकॉर्ड कर लिया था.

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ईरान की माफी के बाद भी दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्रोन हमले हुए. (Photo: AFP)
ईरान की माफी के बाद भी दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्रोन हमले हुए. (Photo: AFP)

दुबई में एक ब्रिटिश नागरिक पर ईरानी मिसाइलों का वीडियो बनाने के आरोप में साइबर क्राइम कानून के तहत मामला दर्ज किया गया है. CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, 60 साल यह शख्स एक पर्यटक के तौर पर दुबई आया था और कथित तौर पर शहर के ऊपर दिखाई दे रही ईरानी मिसाइलों का वीडियो बना लिया. ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय ने भी पुष्टि की है कि वे इस मामले में स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं.

ब्रिटेन के विदेश कार्यालय ने सीएनएन से कहा-यूएई में एक ब्रिटिश नागरिक की हिरासत के बाद हम स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में हैं. इस मामले पर दुबई सरकार से भी टिप्पणी मांगी गई है.

यूएई में सख्त साइबर क्राइम कानून

यूएई के कानून के मुताबिक ऐसा कोई भी वीडियो या सामग्री शेयर करना, जिससे सार्वजनिक सुरक्षा प्रभावित हो सकती है या लोगों में घबराहट फैल सकती है, अपराध माना जाता है. इसी कानून के तहत ब्रिटिश नागरिक पर मामला दर्ज किया गया है.

इस कानून के उल्लंघन पर कम से कम दो साल की जेल और 200,000 यूएई दिरहम (करीब 54,000 डॉलर) का जुर्माना लगाया जा सकता है.

UAE सरकार ने दी चेतावनी

यूएई की यूरोपीय संघ के लिए राज्यमंत्री लाना नुसैबेह ने बीबीसी से बातचीत की. उन्होंने की इस कानून के उल्लंघन के कुछ मामलों की जानकारी है, लेकिन उन्होंने इस ब्रिटिश नागरिक के मामले पर विशेष टिप्पणी नहीं की. उन्होंने कहा कि ये नियम लोगों की सुरक्षा के लिए बनाए गए हैं.

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उन्होंने कहा कि यहां आने वाले सभी लोगों के लिए मेरी सलाह है कि वे दिशानिर्देशों का पालन करें. ये नियम आपकी सुरक्षा और संरक्षण के लिए बनाए गए हैं.

वीडियो बनाने से बचने की सलाह

यूके में यूएई के राजदूत मंसूर अबुलहौल ने भी कहा कि यूएई एक सुरक्षित देश है और यहां बनाए गए नियम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हैं. उन्होंने बताया कि लोगों को वीडियो बनाने से इसलिए भी रोका जाता है ताकि वे संभावित रूप से गिरने वाले मलबे से दूर रहें.

अफवाह फैलाने पर भी हो सकती है कार्रवाई

यूएई के अटॉर्नी जनरल ने हाल ही में लोगों को चेतावनी दी थी कि हमलों से जुड़े स्थानों की तस्वीरें या वीडियो शेयर करने से बचें. गलत या भ्रामक जानकारी फैलाने से लोगों में घबराहट पैदा हो सकती है.

सरकार की ओर से जारी एक संदेश में कहा गया कि सुरक्षा से जुड़े स्थानों की तस्वीरें लेना या उन्हें सोशल मीडिया पर साझा करना राष्ट्रीय सुरक्षा और स्थिरता को प्रभावित कर सकता है, इसलिए इसके लिए कानूनी कार्रवाई की जा सकती है.एक अन्य चेतावनी में कहा गया कि शेयर करने से पहले सोचें, अफवाह फैलाना अपराध है.

ब्रिटिश दूतावास ने जारी की एडवाइजरी

UAE में ब्रिटिश दूतावास ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया. इसमें नागरिकों को आगाह किया कि घटना स्थलों, सरकारी इमारतों या मिसाइल हमलों से जुड़े स्थानों की तस्वीरें लेना या साझा करना कानून का उल्लंघन हो सकता है.

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दूतावास ने कहा कि यूएई में मौजूद ब्रिटिश नागरिक स्थानीय कानूनों के अधीन हैं. नियम तोड़ने पर जुर्माना, जेल या डिपोर्टेशन का सामना करना पड़ सकता है.

युद्ध के बीच बढ़ी सतर्कता

UAE के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक देश की ओर 1,800 से ज्यादा ड्रोन और मिसाइलें दागी जा चुकी हैं. 
इसी वजह से सरकार ने लोगों को सोशल मीडिया पर किसी भी संवेदनशील तस्वीर या वीडियो को साझा करने से बचने की सख्त चेतावनी दी है.

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