scorecardresearch
 

जंग के बीच ईरान में क्या खोज रहे हैं ब्रिटिश जासूस... अब UK को सता रहा ये डर

ईरान में अभी युद्ध के समय ब्रिटेन के कई जासूस छिपे हुए हैं और गुपचुप तरीके से एक मिशन को अंजाम दे रहे हैं. इस मिश का मकसद ईरान में छिपाकर रखे गए नर्व गैस या अन्य रासायनिक हथियारों के ठिकानों को खोजकर उसे नष्ट करना है.

Advertisement
X
युद्ध के बीच ईरान में नर्व गैस का भंडार खोज रहे ब्रिटिश जासूस (Representational Photo - PTI)
युद्ध के बीच ईरान में नर्व गैस का भंडार खोज रहे ब्रिटिश जासूस (Representational Photo - PTI)

ब्रिटेन के जासूस ईरान के अंदर छिपे नर्व गैस की तलाश में जुटे हैं जो हजारों लोगों की जान ले सकते हैं. सूत्रों का दावा है कि मिडिल ईस्ट युद्ध के बीच ईरान में ब्रिटिश, अमेरिकी और फ्रांसीसी जासूस मौजूद हैं. ताकि, वे उन स्थानों की पहचान कर सकें जहां कथित तौर पर नर्व एजेंट रखे जा रहे हैं.

द मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक,  ब्रिटेन के जासूसों को ईरान के अंदर रासायनिक हथियारों का पता लगाने और उन्हें खोजने का काम सौंपा गया है, जो संभावित रूप से मध्य पूर्व के उन देशों में तबाही मचा सकते हैं जहां ब्रिटिश नागरिक रहते हैं.

खबरों के मुताबिक, घातक नर्व एजेंट रखने के लिए इस्तेमाल किए जाने वाले संभावित स्थलों का पता लगाने के लिए गुप्त अभियान के तहत खुफिया अधिकारियों को ईरान भेजा गया है. अमेरिकी और इजरायली संयुक्त हमलों में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद, ईरान द्वारा क्षेत्र भर में अपने पड़ोसी देशों पर जवाबी हमले शुरू करने के बाद, ब्रिटिश अधिकारी देश के अंदर अमेरिकी और फ्रांसीसी जासूसों के साथ मिलकर काम कर रहे हैं.

खबरों के अनुसार, इजरायल ने उन स्थानों की पहचान कर ली है जहां ईरानी शासन कथित तौर पर जहरीले पदार्थों को छिपा रहा है. अमेरिका और इजरायल ने ईरानी सैन्य ठिकानों पर सिलसिलेवार क्रूर हमले और बमबारी की है, लेकिन इजरायल की खुफिया एजेंसी मोसाद का दावा है कि उसके पास इस बात के सबूत हैं कि घातक रसायन कथित तौर पर कहीं और जमा किए जा रहे हैं.

Advertisement

यूके को सता रहा ये डर
डेली मेल के अनुसार , एक ब्रिटिश सूत्र ने कहा कि इन कथित नर्व एजेंटों का इस्तेमाल ईरान के जवाबी हमलों के हिस्से के रूप में, और यहां तक ​​कि दुबई पर भी किया जा सकता है. उन्होंने कहा कि अगर ईरान को अलग-थलग किया जाता है तो वे रसायनों का इस्तेमाल करने का विकल्प चुन सकते हैं. सबसे अधिक संभावना इजरायल के खिलाफ है, लेकिन कौन जानता है कि वे और कहां इसका इस्तेमाल कर सकते हैं? अगर वे चाहें तो दुबई में हजारों लोगों को मार सकते हैं और घायल कर सकते हैं.

ब्रिटिश जासूस ने बताया कि मुझे पूरा यकीन है कि ईरानियों ने इस साल की शुरुआत में अपने ही लोगों के खिलाफ किसी न किसी स्तर के रासायनिक विषाक्त पदार्थों का इस्तेमाल किया था. उनके द्वारा बताए गए लक्षण किसी प्रकार के तंत्रिका रोधी पदार्थ की ओर इशारा करते हैं. हम इस समय देश के अंदर तेल अवीव द्वारा निर्धारित चार स्थानों पर उनकी तलाश कर रहे हैं.

ईरान में नर्व गैस होने के मिले हैं कई संकेत
वहीं विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO)ने कहा कि 28 फरवरी को घातक युद्ध शुरू होने से पहले मध्य पूर्व में रासायनिक या परमाणु हमले से होने वाले नुकसान की भरपाई में मदद करने वाली दवाएं वितरित की गई थीं. इजराइल ने यह भी दावा किया कि उसने पिछले साल जून में ईरान के खिलाफ अपने 12 दिवसीय युद्ध के दौरान इन कथित रासायनिक स्थलों में से एक को नष्ट कर दिया था - जहां उसने कई ईरानी सैन्य स्थलों पर बमबारी की थी.

Advertisement

यह भी पढ़ें: ट्रंप की हत्या के लिए ईरान ने बनाई थी 'Kill Team'... इतने में हुई थी डील

खबरों के मुताबिक, ईरान ने सीरिया के पूर्व तानाशाह बशर अल-असद को रासायनिक हथियार मुहैया कराए थे , जहां उस सनकी तानाशाह ने अगस्त 2013 में एक घातक रासायनिक हमला किया था. संयुक्त राष्ट्र ने पुष्टि की कि दमिश्क के पास घोउटा में हुए रासायनिक हमले में नर्व एजेंट सारिन का इस्तेमाल किया गया था.

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement