असम में एक रैपिडो ड्राइवर की इंसानियत का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में ड्राइवर ने एक नेत्रहीन (दृष्टिहीन) छात्र को न सिर्फ उसकी मंजिल तक पहुंचाया, बल्कि यह भी सुनिश्चित किया कि वह सुरक्षित रूप से अपनी क्लास तक पहुंच जाए. यह वीडियो रैपिडो राइडर अरफान ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर शेयर किया है. अरफान अक्सर अपने रोज़ के सफर के छोटे-छोटे वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करते रहते हैं. लेकिन इस बार की राइड उनके लिए कुछ खास थी.
रास्ते में हुई बातचीत
वीडियो की शुरुआत उस समय से होती है जब अरफान अपने पिकअप लोकेशन पर पहुंचते हैं. वहां एक युवक अपने घर के बाहर परिवार के साथ उनका इंतजार कर रहा था. जैसे ही अरफान वहां पहुंचे, परिवार के लोगों ने उन्हें बताया कि यह दृष्टिहीन (नेत्रहीन) है और उसे कॉलेज तक जाना है. यह सुनकर अरफान ने बिना किसी हिचकिचाहट के हामी भर दी और परिवार को भरोसा दिलाया कि वह छात्र को सुरक्षित उसके गंतव्य तक पहुंचाएंगे. पूरी यात्रा के दौरान दोनों के बीच हल्की-फुल्की बातचीत होती रही. वीडियो में देखा जा सकता है कि यह सफर एक सामान्य राइड की तरह नहीं बल्कि एक दोस्ताना बातचीत जैसा लग रहा था. दोनों आराम से बातें करते हुए कॉलेज की ओर बढ़ते रहे.
कॉलेज गेट पर हुई छोटी सी परेशानी
जब वे कॉलेज के गेट पर पहुंचे तो वहां तैनात सुरक्षा गार्ड ने उन्हें अंदर जाने से रोक दिया. इस पर अरफान ने गार्ड को बताया कि उनकी पैसेंजर दृष्टिहीन है और उसे कॉलेज परिसर के अंदर तक पहुंचाने के लिए मदद की जरूरत है. यह सुनने के बाद गार्ड ने उन्हें अंदर जाने की अनुमति दे दी. अक्सर राइडर सवारी को गेट पर छोड़कर चले जाते हैं, लेकिन अरफान ने ऐसा नहीं किया. वे छात्र को लेकर कॉलेज परिसर के अंदर तक गए और आसपास के लोगों से पूछकर सही बिल्डिंग का पता लगाया. कुछ देर बाद उस छात्रा की एक दोस्त वहां आ गया और उसने उसे क्लास तक पहुंचाने की जिम्मेदारी ले ली. जब अरफान को यह भरोसा हो गया कि छात्र सुरक्षित किसी के साथ अपनी क्लास तक पहुंच जाएगी, तभी उन्होंने अपनी राइड पूरी की.
वीडियो के साथ लिखा खास संदेश
वीडियो शेयर करते हुए अरफान ने कैप्शन में लिखा- “आज की रैपिडो राइड खास थी. उसे सुरक्षित छोड़ने से मेरा दिन बन गया.” जैसे ही यह वीडियो सोशल मीडिया पर आया, लोग अरफान की तारीफ करने लगे. एक यूजर ने लिखा- आपने सिर्फ एक यात्री को नहीं छोड़ा, बल्कि किसी के भरोसे को निभाया है. यही असली इंसानियत है. वहीं एक दूसरे यूजर ने लिखा- ऐसे लोगों की वजह से दुनिया में अभी भी अच्छाई बाकी है. भगवान आप दोनों को आशीर्वाद दें. कई लोगों का कहना था कि भले ही यह काम छोटा लगे, लेकिन इसमें जो संवेदनशीलता और जिम्मेदारी दिखाई गई है, वही असली इंसानियत है. यह घटना हमें याद दिलाती है कि कभी-कभी छोटे-छोटे काम भी किसी के लिए बहुत मायने रखते हैं. अरफान की इस छोटी-सी मदद ने न केवल एक छात्र को सुरक्षित उसके कॉलेज तक पहुंचाया, बल्कि सोशल मीडिया पर लाखों लोगों का दिल भी जीत लिया.