scorecardresearch
 

जिस बारामती एयरपोर्ट को लैंडिंग के लिए सेफ बनाना चाहते थे अजित पवार, वहीं क्रैश हुआ प्लेन

महाराष्ट्र के जिस एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान अजित पवार का प्लेन क्रैश हुआ. हाल ही में उस बारामती हवाई अड्डे पर सेफ लैंडिंग के उपाय विकसित करने का निर्देश डिप्टी सीएम ने दिया था. अजित पवार बारामती को सेफ लैंडिंग के साथ 24 घंटे इस्तेमाल लायक तैयार करना चाहते थे.

Advertisement
X
बारामती एयरपोर्ट को 24 घंटे विमानों की सेफ लैंडिग के लायक बनाना चाहते थे अजित पवार (Photo - ITG)
बारामती एयरपोर्ट को 24 घंटे विमानों की सेफ लैंडिग के लायक बनाना चाहते थे अजित पवार (Photo - ITG)

महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार का प्लेन क्रैश में निधन हो गया. विडंबना ऐसी है कि जिस बारामती एयरपोर्ट पर उन्होंने सेफ लैंडिंग के लिए व्यवस्था दुरुस्त करने का निर्देश दिया था. उसी एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान उनका विमान क्रैश हो गया. 

आज से करीब चार महीने पहले अक्टूबर में अजित पवार ने बारामती हवाई अड्डे को विकसित करने का निर्देश अधिकारियों को दिया था. इसके लिए उन्होंने एक बैठक भी की थी. इसमें एयरपोर्ट पर रात्रिकालीन लैंडिंग के लिए लाइट की व्यवस्था करने और रडार सिस्टम जैसे अन्य टेक्निकल सुविधाओं को जल्द से जल्द विकसित करने का निर्देश दिया था. उस वक्त अजित पवार ने बताया था कि सरकार जल्द ही सभी छोटे एयरपोर्ट को इस तरह से विकसित कर लेगी, जिससे 24 घंटे इनका इस्तेमाल किया जा सके. 

अजित पवार ने महाराष्ट्र में विमानन क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव लाने को लेकर एक फ्रेमवर्क तैयार करवाया था. इसके तहत छोटे हवाई अड्डों पर विमानों के टेकऑफ और लैंडिंग को सुगम बनाने के लिए उन्होंने जल्द से जल्द एक विस्तृत योजना के तहत काम शुरू करवाने का निर्देश दिया था. ताकि, छोटे एयरपोर्ट पर भी फ्लाइट्स की संख्या बढ़ाई जा सके. इसलिए अजित पवार ने वहां फैसिलिटीज बढ़ाने के लिए प्लान तैयार करने को कहा था. 

Advertisement

छोटे हवाई अड्डों को विकसित करने का पूरा प्लान तैयार किया था
मुंबई और दिल्ली जैसे हवाई अड्डों पर जगह की कमी को देखते हुए उन्होंने महाराष्ट्र के छोटे- छोटे एयरपोर्ट पर पार्किंग हब की योजना की समीक्षा करते हुए बारामती, शिरडी, यवतमाल, धराशिव, लातूर और नांदेड जैसे छोटे हवाई अड्डों को सुदृढ़ और विकसित करने की बात कही थी. तब उन्होंने राज्य के बड़े अधिकारियों के साथ बैठकर उन्हें  निर्देश दिया था कि इन छोटे हवाई अड्डों पर रात में लैंडिंग की सुविधाओं को जल्द से जल्द विकसित किया जाए. ताकि, कमर्शियल फ्लाइट्स या सुरक्षित तरीके से लैंड कर सके. 

अजित पवार ने कहा था कि बरामती जैसे छोटे एयरपोर्ट 24 घंटे इस्तेमाल के लिए तैयार हो सके. इसके लिए जल्द से जल्द काम शुरू कर दें.  इसके तहत उन्होंने एक विशेष बैठक कर रनवे पर लाइट की व्यवस्था, रडार सुविधा और अन्य सुरक्षा उपायों को जल्द से जल्द विकसित करने का निर्देश दिया था. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, तब मीटिंग के बाद अजित पवार ने बारामती हवाई अड्डे पर जोर देते हुए ही बताया था कि वहां रात्रिकालीन लैंडिग सुविधा सहित परिसर और रनवे के विकास को लेकर महत्वपू्र्ण बैठ हुई है.

खासकर बारामती पर सेफ लैंडिंग की व्यवस्था दुरुस्त करने पर था ध्यान
इसमें उन्होंने ये सुझाव दिया है कि महाराष्ट्र हवाई अड्डा विकास कंपनी को भारतीय विमानन प्राधिकरण के साथ मिलकर सर्वेक्षण करना चाहिए. इसके लिए लागत का एक संभावित बजट भी तैयार कर लेना चाहिए. अजित पवार ने तब यह विश्वास जताया था कि इन फैसलों से बारामती हवाई अड्डा सहित राज्य के अन्य छोटे एयरपोर्ट्स के विकास में तेजी आएगी और इससे उद्योग और पर्यटन के क्षेत्र में निवेश बढ़ेगा. 

Advertisement

यह भी पढ़ें: अजित पवार प्लेन क्रैश: फिर होने लगी ब्लैक बॉक्स, रिकॉर्डर की चर्चा? जिनसे सामने आएगी क्रैश की वजह

आज दुर्भाग्य ऐसा है कि जिस बारामती हवाई अड्डे के विकास के लिए वो तत्पर थे. जहां सेफ लैंडिग के उपाय जल्द से जल्द विकसित करने को लेकर तैयारी कर रहे थे. ताकि, राज्य के पर्यटन और उद्योग के क्षेत्र में एक बूम आ सके और एयर ट्रैफिक का लोड इन छोटे एयरपोर्ट पर शिफ्ट हो सके. उन्हीं छोटे हवाई अड्डों में से एक बारामती में लैंडिग के दौरान उनका प्लेन क्रैश हो गया.  

---- समाप्त ----
Live TV

Advertisement
Advertisement