प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उत्तर प्रदेश के जेवर में बहुप्रतीक्षित नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का उद्घाटन किया. ये भारत के एविएशन और इंफ्रास्ट्रक्चर विस्तार में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है.
(Photo: Youtube/PMO India)
ग्रीनफील्ड प्रोजेक्ट के पहले चरण से दिल्ली-एनसीआर की कनेक्टिविटी में बड़ा सुधार होने की उम्मीद है. इससे दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर बढ़ते दबाव को कम करने में मदद मिलेगी, साथ ही यात्री और कार्गो दोनों की हैंडलिंग क्षमता मजबूत होगी. आगे के चरण पूरे होने के बाद यह एयरपोर्ट एशिया के सबसे बड़े एविएशन हब्स में शामिल हो सकता है, जहां विशाल यात्री क्षमता विकसित की जाएगी.
(Photo: Youtube/PMO India)
जेवर में नए इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यूपी के युवा जानते हैं कि यह एयरपोर्ट उनकी आकांक्षाओं को नई उड़ान देगा.प्रधानमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि यह आपका एयरपोर्ट है, यह आपका भविष्य है.
(Photo: Youtube/PMO India)
एयरपोर्ट के उद्घाटन पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डबल इंजन सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि ऐसी सरकार में बड़े प्रोजेक्ट तेजी से पूरे होते हैं. उन्होंने कहा कि जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन इस बात का उदाहरण है कि केंद्र और राज्य की समन्वित सरकार विकास कार्यों को तेज रफ्तार देती है.
(Photo: Youtube/PMO India)
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट, जिसे जेवर एयरपोर्ट के नाम से जाना जा रहा है, देश के सबसे बड़े ग्रीनफील्ड एविएशन प्रोजेक्ट्स में गिना जा रहा है. इसे पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप मॉडल पर विकसित किया गया है. पहले चरण में करीब 11,200 करोड़ रुपये का निवेश हुआ है, जो इसे उत्तर भारत की सबसे महत्वाकांक्षी इंफ्रास्ट्रक्चर योजनाओं में शामिल करता है.
(Photo: Youtube/PMO India)
एयरपोर्ट के पहले फेज में हर साल लगभग 1.2 करोड़ यात्रियों को संभालने की क्षमता तैयार की गई है. आगे के विस्तार के बाद यह आंकड़ा बढ़कर 7 करोड़ यात्री प्रति वर्ष तक पहुंच जाएगा. यही वजह है कि इसे दिल्ली-एनसीआर के बढ़ते एयर ट्रैफिक दबाव को कम करने वाला बड़ा केंद्र माना जा रहा है.
(Photo: Youtube/PMO India)
यहां बनाया गया 3,900 मीटर लंबा रनवे बड़े वाइड-बॉडी विमानों की लैंडिंग और टेकऑफ के लिए तैयार है. एयरपोर्ट में इंस्ट्रूमेंट लैंडिंग सिस्टम (ILS) और एडवांस्ड एयरफील्ड लाइटिंग जैसी आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं, जिससे कोहरे, बारिश या रात के समय भी 24x7 सुरक्षित उड़ान संचालन संभव होगा.
(Photo:PTI)
यह एयरपोर्ट नेट-जीरो एमिशन के विजन के साथ तैयार किया गया है, जहां ऊर्जा बचाने वाली और पर्यावरण के अनुकूल तकनीकों का इस्तेमाल हुआ है. यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे स्थित यह हब भविष्य में सड़क, रेल, मेट्रो और अन्य परिवहन साधनों से जुड़कर एक बड़े मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट सेंटर के रूप में उभरेगा.
(Photo;ITG)
जेवर एयरपोर्ट की डिजाइनिंग सिर्फ आधुनिक नहीं, बल्कि सांस्कृतिक पहचान से भी जुड़ी है. इसके आर्किटेक्चर में भारतीय घाटों और पारंपरिक हवेलियों से प्रेरित एलिमेंट्स जोड़े गए हैं. इसका मकसद यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधा देने के साथ-साथ उत्तर भारत और भारतीय विरासत की झलक भी महसूस कराना है.
(Photo:ITG)
यह एयरपोर्ट नेट-जीरो एमिशन के विजन के साथ तैयार किया गया है, जहां ऊर्जा बचाने वाली और पर्यावरण के अनुकूल तकनीकों का इस्तेमाल हुआ है. यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे स्थित यह हब भविष्य में सड़क, रेल, मेट्रो और अन्य परिवहन साधनों से जुड़कर एक बड़े मल्टी-मॉडल ट्रांसपोर्ट सेंटर के रूप में उभरेगा.