scorecardresearch
 
Advertisement
ट्रेंडिंग

हम 'स्ट्रेट ऑफ मैंगोज' नहीं खोलेंगे... आम के 1% निर्यात पर सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

दुनिया में आम की मांग, भारत का दबदबा
  • 1/9

 

दुनिया भर में आम के दीवाने हैं, लेकिन हैरानी की बात यह है कि लंदन जैसे शहरों में मैक्सिको का आम आसानी से मिल जाता है, जबकि भारत का मशहूर रत्नागिरी अल्फांसो दुर्लभ रहता है. इसकी वजह दूरी नहीं, बल्कि भारत की जबरदस्त घरेलू खपत है.

दुनिया में आम की मांग, भारत का दबदबा
  • 2/9

भारत हर साल 1,500 से ज्यादा किस्मों के साथ करीब 24 मिलियन मीट्रिक टन आम पैदा करता है. यह दुनिया के कुल उत्पादन का लगभग आधा है. इसके बावजूद देश सिर्फ 1फीसदी ताजा आम ही एक्सपोर्ट करता है, जो वैश्विक स्तर पर एक दिलचस्प विरोधाभास है.
 

(Photo: Pexel and PTI)

भारतीयों का आम प्रेम
  • 3/9


सवाल उठता है कि भारत से आम का निर्यात इतना कम क्यों है. देश जहां करीब 32,000 टन (लगभग 0.13%) ही आम विदेश भेजता है, वहीं मैक्सिको जैसे देश कम उत्पादन के बावजूद निर्यात से कहीं ज्यादा कमाई कर लेते हैं.

(Photo: Pexel)

Advertisement
परंपरा और संस्कृति से जुड़ाव
  • 4/9

जब यह जानकारी सोशल मीडिया पर वायरल हुई, तो दुनियाभर के यूजर्स हैरान रह गए. कई विदेशी यूजर्स ने भारत से आम शेयर करने की बात कही, जबकि कुछ ने मजाक में कहा कि अगर उनके पास ऐसे आम होते, तो वे भी निर्यात नहीं करते.

(Photo: Pexel)

 आम का तेजी से बढ़ता बाजार
  • 5/9

किसी यूजर ने इस आंकड़े पर मजाकिया अंदाज में लिखा कि हम 'स्ट्रेट ऑफ मैंगोज' नहीं खोलेंगे, यानी भारत अपने आमों को दुनिया के साथ बांटने के मूड में नहीं है.

(Photo: Pexel)

भारतीयों का आम प्रेम
  • 6/9

भारत का आम बाजार 2025 में करीब 2.90 अरब डॉलर का है, जो 2030 तक 3.97 अरब डॉलर तक पहुंच सकता है. उत्तर प्रदेश और आंध्र प्रदेश देश के करीब आधे उत्पादन में योगदान देते हैं, जिससे यह कृषि और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए अहम बन जाता है.(Photo: Pexel)

दुनिया में आम की मांग, भारत का दबदबा
  • 7/9

भारत का ताजा आम निर्यात 2024 में करीब 60 मिलियन डॉलर रहा, जबकि मैक्सिको 575 मिलियन डॉलर के साथ आगे है. इसकी वजह सख्त अंतरराष्ट्रीय नियम, महंगा फ्रेट और कोल्ड-चेन जैसी समस्याएं हैं, जो भारतीय आम को विदेशों में महंगा बना देती हैं.

(Photo: Pexel)

क्यों है आम का निर्यात कम
  • 8/9


वित्त वर्ष 2024-25 में भारत ने लगभग 29,938 मीट्रिक टन ताजा आम निर्यात किए, जिनकी कुल कीमत करीब 56.5 मिलियन डॉलर रही. इससे पहले 2023-24 में यह आंकड़ा 32,000 मीट्रिक टन से अधिक और करीब 60 मिलियन डॉलर के आसपास था. इसके बावजूद भारत दुनिया का छठा सबसे बड़ा आम निर्यातक देश है, मैक्सिको वर्तमान में दुनिया का नंबर 1 आम निर्यातक देश है.

(Photo: Pexel)

आम के पल्प से दबदबा
  • 9/9


जहां ताजा आम के निर्यात में भारत पीछे है, वहीं मैंगो पल्प के मामले में वह दुनिया का सबसे बड़ा निर्यातक है और 55% हिस्सेदारी रखता है. इससे साफ है कि भारत वैश्विक बाजार में अलग तरीके से अपनी मजबूत पकड़ बनाए हुए है.

(Photo: Pexel)

Advertisement
Advertisement
Advertisement