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पहाड़ों की गोद और महाभारत का इतिहास, सिर्फ ₹3500 में घूमें उत्तराखंड का ये गांव

ऋषिकेश की भीड़भाड़ से ऊब चुके पर्यटकों के लिए देहरादून का लाखामंडल गांव एक छिपा हुआ खजाना है. मात्र ₹3500 के बजट में आप यहां की पौराणिक विरासत, महाभारतकालीन शिव मंदिर और यमुना के शांत तटों का लुत्फ उठा सकते हैं.

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पहाड़ों की गोद में बसा शांति और आध्यात्मिकता का संगम (Photo: Getty images)
पहाड़ों की गोद में बसा शांति और आध्यात्मिकता का संगम (Photo: Getty images)

जब भी पहाड़ों और शांति की बात आती है, तो अक्सर ऋषिकेश का ख्याल आता है. लेकिन आज ऋषिकेश की सड़कों पर वह सुकून कम और गाड़ियों का शोर ज्यादा मिलता है. अगर आप भी भीड़भाड़ से थक चुके हैं और किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं जहां दिल को शांति मिले, तो उत्तराखंड का लाखामंडल आपका इंतजार कर रहा है.

ऋषिकेश की चकाचौंध से दूर, देहरादून जिले का यह छोटा सा गांव आपको सीधे पुराने दौर की सादगी और हिमालय की खूबसूरती के बीच ले जाएगा. सबसे अच्छी बात यह है कि यहां की दो दिन की ट्रिप आपकी जेब पर भी भारी नहीं पड़ेगी और मात्र ₹3500 में आप एक शानदार सफर पूरा कर सकते हैं.

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एक ऐसा गांव जो बाकी जगहों से है बिल्कुल अलग 

देहरादून से लगभग 122 किलोमीटर दूर यमुना नदी के किनारे बसा लाखामंडल सिर्फ एक पर्यटन स्थल नहीं, बल्कि एक अनोखा अनुभव है. यह गांव अपने प्राचीन शिव मंदिर के लिए प्रसिद्ध है, जिसका नाता महाभारत काल से माना जाता है. कहा जाता है कि पांडवों के रहने के लिए यहीं 'लाक्षागृह' बनाया गया था. यहां के मंदिर में मौजूद सैकड़ों छोटे-बड़े शिवलिंग और पुरानी गुफाएं आपको भारत की प्राचीन विरासत की याद दिलाती हैं.

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चारों तरफ ऊंचे पहाड़ों और पास में बहती यमुना की लहरें यहां के माहौल को इतना शांत बनाती हैं कि आप खुद को कुदरत के बेहद करीब महसूस करेंगे.

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मात्र ₹3500 में ऐसे बनाएं अपना ट्रिप प्लान

लाखामंडल की यात्रा उन लोगों के लिए बेहतरीन है जो कम बजट में कुछ नया देखना चाहते हैं. यहां का खर्च इतना कम है कि आप एक वीकेंड पर आसानी से जा सकते हैं.

  • आने-जाने का खर्च- दिल्ली या देहरादून से लाखामंडल के लिए बस या शेयरिंग कैब (टैक्सी) ली जा सकती है. आने-जाने का कुल किराया लगभग ₹1000-1200 के आसपास पड़ता है.
  • रहने की व्यवस्था- यहां बड़े होटल तो नहीं, लेकिन बहुत ही सादे और अच्छे होमस्टे या आश्रम मिल जाते हैं. एक रात का किराया ₹600 से ₹800 के बीच होता है, जहां आप पहाड़ी लोगों के बीच रह सकते हैं.
  • खाना-पीना- यहां घर जैसा शुद्ध पहाड़ी खाना मिलता है, जो काफी सस्ता है. दो दिनों के खाने का खर्च ₹600-₹800 में आसानी से हो जाता है.
  • घूमना-फिरना- मंदिर देखने और पहाड़ों के नजारों के लिए कोई फीस नहीं देनी होती. यहां की गलियों में टहलना ही अपने आप में सबसे बड़ा सुकून है.
     
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