राजधानी दिल्ली एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मेहमानों और तकनीकी दिग्गजों की मेजबानी के लिए पूरी तरह तैयार है. मौका है भारत में होने वाले पहले 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इम्पैक्ट समिट' का. इस वैश्विक आयोजन ने दिल्ली के होटल कारोबार में नई जान फूंक दी है, लेकिन इसके साथ ही फाइव स्टार होटलों की कीमतों में जो उछाल आया है, उसने सबको हैरान कर दिया है. आलम यह है कि पांच सितारा होटलों के किराए अचानक ऐसे बढ़े हैं कि चार दिन के रुकने का किराया लग्जरी कार की कीमत जैसा महसूस होने लगा है.
G-20 जैसा माहौल, वीवीआईपी मेहमानों की भरमार
दिल्ली के भारत मंडपम में 16 फरवरी से 20 फरवरी तक चलने वाले इस 'आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस समिट' में दुनिया भर से विशेषज्ञ, डिप्लोमैट और टेक इंडस्ट्री के दिग्गज हिस्सा लेंगे. यह आयोजन ठीक वैसा ही एहसास दिला रहा है जैसा G-20 समिट के दौरान था. इन वीवीआईपी मेहमानों की सुरक्षा और ठहरने के लिए दिल्ली के प्रमुख फाइव स्टार होटलों में बुकिंग की होड़ मची है. इसी भारी डिमांड के चलते होटलों के कमरों की कीमतें आम दिनों के मुकाबले कई गुना बढ़ गई हैं.
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लाखों में पहुंच चुका किराया
ऑनलाइन बुकिंग पोर्टल्स पर नजर डालें तो एआई इंपैक्ट समिट के दौरान दिल्ली के कई प्रमुख होटलों के किराए अचानक कई गुना बढ़ गए हैं. एयरपोर्ट के पास स्थित रेडिसन ब्लू प्लाजा और द्वारका इलाके के होटलों में चार रातों का खर्च करीब डेढ़ लाख रुपये के आसपास पहुंच गया है. वहीं साकेत और मयूर विहार जैसे इलाकों के फाइव स्टार होटलों में यही खर्च दो से तीन लाख रुपये तक दिख रहा है. राजधानी के लग्जरी होटलों की बात करें तो ताज पैलेस, क्लैरिज और दि ओबेरॉय जैसे नामों में कमरों का किराया चार से छह लाख रुपये के पार चला गया है. जबकि कुछ प्रीमियम होटलों में तो एक कमरे की कीमत 12 लाख रुपये से ज्यादा तक दिखाई दे रही है.
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वर्ल्ड कप का जबरदस्त असर
होटल इंडस्ट्री का कहना है कि एआई समिट में शामिल होने के लिए दुनिया भर से हजारों खास मेहमानों के आने की संभावना है. इसके साथ ही इन्हीं दिनों टी-20 क्रिकेट वर्ल्ड कप मुकाबलों की वजह से भी कमरों की मांग बढ़ी है, जिसका सीधा असर होटल रेट्स पर देखने को मिल रहा है. यही वजह है कि आम दिनों में 15–20 हजार रुपये में मिलने वाले कमरे भी अब 40 से 50 हजार रुपये तक पहुंच चुके हैं.