राजस्थान घूमने की बात हो, तो अक्सर हमारे मन में या तो कड़ाके की ठंड आती है या फिर झुलसाने वाली गर्मी. लेकिन मार्च का महीना एक ऐसा समय है जब मौसम न तो बहुत ठंडा होता है और न ही बहुत गर्म. थार रेगिस्तान की गोद में बसा पुष्कर इस दौरान अपने सबसे खूबसूरत और सुहावने रूप में होता है. भीषण गर्मी की दस्तक से ठीक पहले, पुष्कर की गलियों में जो रौनक और ताजगी नजर आती है, वो साल के किसी और महीने में मिलना मुश्किल है. चाहे आपको रंगों के त्योहार होली में डूबना हो या फिर शांति और रोमांच का अनुभव करना हो, मार्च में पुष्कर की ये 5 खूबियां आपकी ट्रिप को सबसे खास बना देंगी.
1. दुनिया भर में मशहूर पुष्कर की होली
पुष्कर की होली सिर्फ रंगों का त्योहार नहीं, बल्कि एक बड़ा उत्सव है. होली के एक दिन पहले से ही पूरा शहर गुलाल और संगीत के शोर में डूब जाता है. इस दौरान ब्रह्मा मंदिर के पास के बाजारों में जब हजारों लोग एक साथ नाचते और रंग उड़ाते हैं, तो वो जोश देखकर आपका दिल खुश हो जाएगा. यहां की होली का क्रेज ऐसा है कि विदेशी सैलानी भी इसका हिस्सा बनने के लिए महीनों पहले तैयारी कर लेते हैं. ऐसे में, इस बार मार्च में होने वाला यह नजारा आपको अपनी जिंदगी भर याद रहेगा.
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2. भीषण गर्मी से पहले सुहाना और सुरीला मौसम
राजस्थान की झुलसाने वाली लू शुरू होने से ठीक पहले, मार्च का महीना यहां घूमने के लिए सबसे शानदार समय होता है. इस दौरान दिन की धूप चुभती नहीं, बल्कि काफी हल्की और मीठी लगती है, जो बाजारों की रौनक देखने और झील किनारे बने कैफे-रेस्तरां में बैठकर लजीज खान-पान का लुत्फ उठाने के लिए एकदम परफेक्ट है. शाम होते ही जब रेगिस्तान की ठंडी हवाएं चेहरे को छूती हैं, तो जो सुकून मिलता है, वो आपको किसी बंद कमरे के एसी (AC) में भी नसीब नहीं होगा.
3. ब्रह्मा मंदिर के शांत और सुकून भरे दर्शन
पुष्कर की असली पहचान और इसकी रूह यहां के ब्रह्मा के मंदिर में बसती है. वैसे तो यहां पूरे साल भक्तों का तांता लगा रहता है, लेकिन मार्च का समय थोड़ा अलग और खास होता है. इस दौरान आप बिना किसी भारी भीड़ या धक्का-मुक्की के बेहद सुकून से दर्शन कर सकते हैं. यकीन मानिए, इस मौसम में आप मंदिर की खामोशी और वहां की रूहानी ऊर्जा को कहीं ज्यादा गहराई से महसूस कर पाएंगे.
4. पवित्र झील और घाटों का रूहानी अहसास
शहर के बीचों-बीच स्थित पवित्र पुष्कर झील के 52 घाटों पर बिताया गया समय आपकी ट्रिप का सबसे प्यारा हिस्सा हो सकता है. मार्च में भीड़ कम होने की वजह से आप शांति से किसी भी घाट पर बैठकर शाम की दिव्य आरती का हिस्सा बन सकते हैं. मंदिर की घंटियों की आवाज और मंत्रों के जाप के बीच झील का शांत पानी आपको एक अलग ही दुनिया में ले जाएगा. माना जाता है कि इस झील में डुबकी लगाने से मन और आत्मा साफ होती है.
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5. रेगिस्तान का रोमांच और राजस्थानी जायका
अगर आप एडवेंचर के शौकीन हैं, तो मार्च की शाम थार रेगिस्तान में ऊंट की सवारी करने के लिए सबसे बढ़िया है. ढलते सूरज के साथ सुनहरी रेत पर ऊंट की सवारी करना किसी फिल्मी सीन जैसा लगता है. इसके साथ ही, आप रेगिस्तानी कैम्पों में राजस्थानी लोक संगीत और वहां के पारंपरिक खाने जैसे दाल-बाटी चूरमा का मजा भी ले सकते हैं. मौसम अच्छा होने की वजह से आप घंटों खुले आसमान के नीचे बैठकर राजस्थान के अपनापन को महसूस कर सकते हैं.