असम के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में स्थित उदालगुड़ी (Udalguri) जिला प्राकृतिक सुंदरता, जनजातीय संस्कृति और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था के लिए जाना जाता है. यह जिला भूटान की सीमा से लगा हुआ है और प्रशासनिक रूप से बोडोलैंड टेरिटोरियल रीजन (BTR) का हिस्सा है. उदालगुड़ी का मुख्यालय भी उदालगुड़ी शहर में ही स्थित है.
जनसंख्या की बात करें तो 2011 की जनगणना के अनुसार जिले की आबादी लगभग 8.3 लाख (करीब 8,31,000) थी. यहां विभिन्न समुदायों का मिश्रित निवास है, जिनमें बोडो, असमिया, बंगाली और अन्य जनजातीय समूह शामिल हैं. जिले में ग्रामीण आबादी का प्रतिशत अधिक है और अधिकांश लोग कृषि व संबंधित गतिविधियों पर निर्भर हैं.
उदालगुड़ी का भौगोलिक क्षेत्र पहाड़ी और मैदानी दोनों हिस्सों में फैला है. यहां की प्रमुख नदियों में जियाभाराली और इसकी सहायक नदियां शामिल हैं, जो खेती के लिए पानी का मुख्य स्रोत हैं. चाय बागान भी यहां की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा हैं. इसके अलावा धान, मक्का और सब्जियों की खेती बड़े पैमाने पर की जाती है.
शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं में पिछले कुछ वर्षों में सुधार हुआ है, हालांकि दूरदराज के इलाकों में अभी भी बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की जरूरत है. सड़क और संपर्क व्यवस्था बेहतर होने से व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिला है. प्राकृतिक सौंदर्य, वन क्षेत्र और सांस्कृतिक विविधता उदालगुड़ी को खास बनाते हैं. यह जिला असम की सामाजिक और आर्थिक संरचना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है.