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तिरुपति लड्डू मामला: नकली घी विवाद के बाद छह नए आरोप, अब तिरुमला देवस्थानम ने दी सफाई

तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) ने श्रीवारी लड्डू प्रसादम के लिए गाय के घी की खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए नई नीतियां लागू की हैं. 2024 से पहले श्रद्धालुओं की शिकायतों को ध्यान में रखते हुए, TTD ने घी की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए संग्रह सीमा घटाई, GPS लॉक सिस्टम अनिवार्य किया और कड़े मानक लागू किए.

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तिरुपति घी विवाद के बाद TTD ने जारी की सफाई
तिरुपति घी विवाद के बाद TTD ने जारी की सफाई

तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) ने श्रीवारी लड्डू प्रसादम के लिए गाय के घी की खरीद प्रक्रिया को लेकर उठे सवालों पर स्पष्टीकरण जारी किया है. ट्रस्ट ने स्पष्ट किया कि 2024 से पहले लड्डू की क्वालिटी और स्वाद को लेकर श्रद्धालुओं की ओर से आई आलोचनाओं को ध्यान में रखते हुए नई TTD बोर्ड ने घी खरीद पॉलिसी में बड़े बदलाव किए हैं. बोर्ड की अगुवाई बीआर नायडू कर रहे हैं.

TTD की मानें तो अब क्वालिटी और पारदर्शिता पहली प्राथमिकता है. ट्रांसपोर्ट के दौरान भी घी की क्वालिटी पर असर न पड़े, इसके लिए पहले 1500 किमी की संग्रह सीमा को घटाकर 800 किमी कर दिया गया है. घी ले जाने वाले टैंकरों में जीपीएस लॉक सिस्टम अनिवार्य किया गया है. डेयरी प्रोसेसर की उत्पादन क्षमता और क्वालिटी की जांच के लिए MRL स्कोर बोर्ड प्रणाली लागू की गई है.

मानकों को भी कड़ा किया गया है. FSSR 2.1.8 के अलावा दूध वसा की शुद्धता जांच (ISO 17678:2019) और सेंसरी पैरामीटर (IS Code: 7770:1975) को सख्ती से लागू किया गया है. 2024-25 के बीच सात चरणों में टेंडर प्रक्रिया पूरी की गई और कुल 65 लाख किलोग्राम घी की पारदर्शी खरीद तय की गई.

टेंडर प्रक्रिया में सात प्रमुख डेयरियों ने भाग लिया, जिनमें से नंदिनी (KMF), मदर डेयरी, इंदापुर डेयरी और संगम डेयरी को गुणवत्ता मानकों के आधार पर ऑर्डर आवंटित किए गए. नंदिनी डेयरी ने सात में से चार टेंडर जीते और कुल 40 लाख किलोग्राम घी की आपूर्ति का अनुबंध प्राप्त किया, जो मौजूदा जरूरत का 62% है. TTD ने स्पष्ट किया कि 2019-24 के बीच नंदिनी को कोई टेंडर नहीं मिला था.

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इंदापुर डेयरी को लेकर भी सफाई दी गई. TTD ने कहा कि इस कंपनी ने सात में से केवल दो टेंडर जीते और कुल 10 लाख किलोग्राम घी की आपूर्ति की जिम्मेदारी ली. 'केवल एक कंपनी को लाभ देने' के आरोपों को ट्रस्ट ने निराधार बताया. घी के दाम बढ़ाने के आरोपों पर TTD ने कहा कि 2016 में जब गाय के दूध का दाम 17–20 रुपये था, तब घी की कीमत 278 रुपये थी. अब दूध का दाम 42 रुपये पहुंचने पर घी का बाजार मूल्य 658 रुपये तक हो गया है. कीमत निर्धारण में NCDFI, IDA और NDDB विशेषज्ञों की सिफारिशों को आधार बनाया गया.

TTD ने दोहराया कि सभी चयनित डेयरियों ने FSSAI और NDDB मानकों के तहत परीक्षण पास किए हैं. ट्रस्ट ने कहा कि श्रीवारी प्रसादम की गुणवत्ता और पवित्रता बनाए रखना उसकी सर्वोच्च प्रतिबद्धता है और टेंडर प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रही है.

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