सरोजनी नगर उत्तर प्रदेश (Sarojini Nagar, Uttar Pradesh) की राजधानी लखनऊ जिले का एक महत्वपूर्ण सामुदायिक विकास खंड है. यह लखनऊ तहसील का हिस्सा है और इसके अंतर्गत करीब 90 गांव आते हैं. सरोजनीनगर नाम लखनऊ शहर के दो वार्डों के लिए भी इस्तेमाल होता है, जो मिलकर शहर के 32 मोहल्लों को शामिल करते हैं. ग्रामीण और शहरी क्षेत्र से जुड़ी पहचान के कारण सरोजनीनगर लखनऊ के महत्वपूर्ण इलाकों में गिना जाता है.
सरोजनी नगर की अर्थव्यवस्था में खेती की बड़ी भूमिका है. काम करने वाली आबादी में खेती और कृषि मजदूरी प्रमुख रोजगार रहे. करीब 23.53 फीसदी कामगार अपने या पट्टे पर लिए गए खेतों में खेती करते थे, जबकि 26.26 फीसदी लोग कृषि मजदूर के रूप में दूसरे लोगों की जमीन पर काम करते थे. करीब 6.25 फीसदी लोग घरेलू उद्योगों से जुड़े थे. बाकी 43.96 फीसदी कामगार अन्य तरह के रोजगार में लगे हुए थे.
सरोजनी नगर का औद्योगिक इतिहास भी पुराना है. 1981 की जनगणना में इसे लखनऊ जिले का सबसे अधिक औद्योगीकृत विकास खंड बताया गया था. उस समय यहां 56 पंजीकृत औद्योगिक इकाइयां थीं और विकास खंड में 106 गांव शामिल थे.
2011 के आंकड़ों के मुताबिक सरोजनीनगर विकास खंड का कुल क्षेत्रफल करीब 30,526.9 हेक्टेयर था. इसमें लगभग 58.2 फीसदी जमीन खेती के काम आती थी. खेती वाली जमीन का बड़ा हिस्सा सिंचित था और सिंचाई के लिए मुख्य रूप से तालाबों और झीलों का इस्तेमाल किया जाता था. करीब 11.6 फीसदी जमीन गैर-कृषि गतिविधियों में इस्तेमाल हो रही थी, जबकि लगभग 1,027 हेक्टेयर क्षेत्र में जंगल मौजूद था.
सरोजनी नगर लखनऊ का ऐसा क्षेत्र है जहां गांव, खेती, उद्योग और तेजी से बढ़ती शहरी गतिविधियां एक साथ नजर आती हैं. इसकी बड़ी आबादी, कृषि आधारित अर्थव्यवस्था और पुरानी औद्योगिक पहचान इसे लखनऊ जिले का एक महत्वपूर्ण विकास खंड बनाती है.