राशन कार्ड (Ration Card) भारत सरकार और राज्य सरकारों द्वारा जारी किया जाने वाला एक महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज है. इसका मुख्य उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली (Public Distribution System-PDS) के माध्यम से रियायती दरों पर खाद्यान्न और अन्य आवश्यक वस्तुएं उपलब्ध कराना है. इसके जरिए पात्र परिवारों को गेहूं, चावल, चीनी, दाल और अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री सरकार द्वारा निर्धारित कीमतों पर दी जाती है.
राशन कार्ड का संचालन राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA), 2013 के तहत किया जाता है. इस योजना का उद्देश्य देश के पात्र नागरिकों को खाद्य सुरक्षा प्रदान करना और गरीब परिवारों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है. राशन कार्ड का वितरण और प्रबंधन प्रत्येक राज्य का खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग करता है.
भारत में मुख्य रूप से राशन कार्ड तीन श्रेणियों में जारी किए जाते हैं. अंत्योदय अन्न योजना (AAY) राशन कार्ड सबसे गरीब परिवारों के लिए होता है. प्राथमिकता परिवार (Priority Household-PHH) राशन कार्ड राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्र परिवारों को दिया जाता है. इसके अलावा कुछ राज्यों में सामान्य श्रेणी के परिवारों के लिए भी अलग प्रकार के राशन कार्ड जारी किए जाते हैं, जिनके नियम संबंधित राज्य सरकार तय करती है.
राशन कार्ड केवल खाद्यान्न प्राप्त करने का माध्यम ही नहीं है, बल्कि कई सरकारी योजनाओं में पहचान और निवास प्रमाण के रूप में भी उपयोग किया जाता है. विभिन्न राज्यों में इसका उपयोग गैस कनेक्शन, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और अन्य सरकारी सेवाओं के लिए दस्तावेज के रूप में भी किया जा सकता है.
आज अधिकांश राज्यों ने राशन कार्ड सेवाओं को डिजिटल बना दिया है. नागरिक ऑनलाइन आवेदन, संशोधन, सदस्य जोड़ने या हटाने, राशन कार्ड डाउनलोड करने तथा पात्रता की जानकारी राज्य सरकारों के खाद्य विभाग की वेबसाइट के माध्यम से प्राप्त कर सकते हैं. इसके अलावा वन नेशन, वन राशन कार्ड (ONORC) योजना लागू होने के बाद पात्र लाभार्थी देश के किसी भी राज्य में अपने हिस्से का राशन प्राप्त कर सकते हैं.
राशन कार्ड भारत की सार्वजनिक वितरण प्रणाली का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है. यह खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ पात्र नागरिकों तक सरकारी सहायता और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. सरकार समय-समय पर इसकी व्यवस्था को अधिक पारदर्शी और डिजिटल बनाने के लिए विभिन्न सुधार भी करती रहती है.
Ration Card eKYC Alert: राशन कार्ड की ई-केवाईसी अपडेट कराना जरूरी है और इस काम को न सिर्फ राशन की दुकान पर, बल्कि घर बैठे भी आसानी से मोबाइल फोन के जरिए पूरा कर सकते हैं.
उत्तर प्रदेश के बांदा में राशन कार्ड को लेकर आपूर्ति विभाग में महिलाओं का गुस्सा फूट पड़ा. नरैनी तहसील कार्यालय पहुंची महिलाओं ने हंगामा करते हुए आपूर्ति अधिकारी की कॉलर पकड़कर बाहर घसीट लिया. घटना का वीडियो वायरल है. महिलाओं ने विभाग पर बिना पैसे काम न करने और अवैध वसूली के आरोप लगाए. अधिकारी ने मामले की सूचना एसडीएम और उच्च अधिकारियों को दी है.
बांदा में 100 फीसदी दिव्यांग बच्चा सिंह पिछले तीन सालों से राशन कार्ड बनवाने के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहा था. थक हारकर वह डीएम ऑफिस पहुंचा, जहां एडीएम ने मामले का संज्ञान लेते हुए आपूर्ति विभाग के अधिकारियों को फटकार लगाई. अधिकारियों को तत्काल जांच कर पात्रता के अनुसार राशन कार्ड जारी करने के निर्देश दिए गए हैं.
दिल्ली सरकार की नई नीति के तहत ₹2.5 लाख तक सालाना कमाने वाले लोग भी अब राशन कार्ड का लाभ उठा सकेंगे. इससे बड़ी संख्या में मध्यम वर्गीय और निम्न-मध्यम वर्गीय परिवारों को राहत मिलने की उम्मीद है.
महाराष्ट्र की रामाई आवास योजना में कथित फर्जीवाड़े को लेकर विपक्ष ने गंभीर आरोप लगाए हैं. शिवसेना (यूबीटी) नेता अंबादास दानवे का दावा है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नाम पर भी फर्जी दस्तावेज बनाकर आवेदन किए गए. हालांकि, सरकार ने कहा कि अब तक योजना के तहत किसी को भुगतान नहीं हुआ है. जांच में हजारों आवेदनों में अनियमितताएं मिलीं और 330 आवेदनों में से केवल 221 लोगों को ही पात्र पाया गया.
कर्नाटक के चिकबल्लापुर जिले में पुलिस ने पाकिस्तानी नागरिक फराह नाज़ और उनके बेटे मोहम्मद फरदीन को गिरफ्तार किया है. आरोप है कि दोनों ने अपनी नागरिकता छिपाकर राशन कार्ड और वोटर आईडी कार्ड हासिल किए थे. जांच के बाद डिप्टी कमिश्नर ने राशन कार्ड और सक्षम प्राधिकारी ने वोटर आईडी रद्द कर दी. दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), विदेशी अधिनियम और जनप्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है.