प्रेम मंदिर, वृंदावन उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में स्थित एक अत्यंत भव्य और आध्यात्मिक मंदिर है. यह मंदिर भगवान श्रीकृष्ण और राधा रानी के दिव्य प्रेम को समर्पित है. प्रेम मंदिर का निर्माण जगद्गुरु श्री कृपालु जी महाराज द्वारा कराया गया था और इसका उद्घाटन वर्ष 2012 में हुआ. यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र है, बल्कि अपनी अद्भुत वास्तुकला और आध्यात्मिक वातावरण के कारण देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को आकर्षित करता है (Prem Mandir, Vrindavan).
प्रेम मंदिर का निर्माण सफेद इतालवी संगमरमर से किया गया है, जिस पर अत्यंत बारीक नक्काशी की गई है. मंदिर की दीवारों और स्तंभों पर भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं, रासलीला, गोवर्धन लीला तथा रामायण से संबंधित प्रसंगों को सुंदर मूर्तियों और शिल्पकला के माध्यम से दर्शाया गया है. यह नक्काशी मंदिर को एक जीवंत धार्मिक ग्रंथ का रूप देती है.
मंदिर परिसर बहुत विशाल और सुव्यवस्थित है. यहां बने हरे-भरे उद्यान, फव्वारे और प्रकाश व्यवस्था शाम के समय मंदिर की सुंदरता को और भी बढ़ा देते हैं. सूर्यास्त के बाद होने वाला लाइट एंड साउंड इफेक्ट श्रद्धालुओं को विशेष रूप से आकर्षित करता है, जिसमें रोशनी के माध्यम से मंदिर और मूर्तियों को दिव्य रूप में सजाया जाता है.
प्रेम मंदिर केवल एक पूजा स्थल नहीं, बल्कि प्रेम, भक्ति और सेवा का संदेश देने वाला केंद्र है. यहां आने वाला प्रत्येक व्यक्ति शांति, सकारात्मक ऊर्जा और आध्यात्मिक आनंद का अनुभव करता है. वृंदावन की पावन भूमि पर स्थित यह मंदिर श्रीकृष्ण भक्ति का एक अनुपम प्रतीक है और ब्रज क्षेत्र की धार्मिक पहचान को और भी सशक्त बनाता है.
वृंदावन में ब्रज प्रवास के दूसरे दिन राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संत प्रेमानंद जी महाराज से राधा केली कुंज आश्रम में 27 मिनट तक बातचीत की. इस दौरान आध्यात्म और समाज से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई. इस दौरान प्रेमानंद महाराज ने नाम जप को जीवन का मार्ग बताया. इससे पहले राष्ट्रपति ने प्रेम मंदिर और इस्कॉन मंदिर में दर्शन-पूजन भी किया था.
कान्हा की नगरी मथुरा-वृंदावन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के तीन दिवसीय आगमन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं. 19 मार्च से शुरू हो रहे इस दौरे में राष्ट्रपति रामलला के दर्शन के बाद वृंदावन पहुंचेंगी, जहां वह संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात और गिरिराज जी की परिक्रमा करेंगी.
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार वृंदावन में बेहद सादगीपूर्ण अंदाज में नजर आए. बिना किसी वीआईपी प्रोटोकॉल के, उन्होंने ई-रिक्शा की सवारी की और बांके बिहारी मंदिर में दर्शन किए. उनकी इस आध्यात्मिक यात्रा और सादगी ने बिहार की राजनीति में उनके भविष्य को लेकर नई चर्चाएं छेड़ दी हैं.
बांके बिहारी मंदिर में स्टील रेलिंग के ठेके को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. ठेकेदार सलीम खान ने कहा कि काम जिस फर्म कनिका के नाम से लिया गया है, वह पार्टनरशिप फर्म है, जिसमें हिंदू पार्टनर भी शामिल हैं. सलीम का दावा है कि यह सेवा उन्हें भगवान की कृपा से मिली है और विवाद जानबूझकर खड़ा किया गया.
प्रेमानंद जी महाराज से एक महिला भक्त ने बहुत ही दिलचस्प सवाल किया और उन्होंने जानना चाहा कि गलती और पाप में वास्तविक अंतर क्या होता है
मंदिर समिति ने पहले ही अलर्ट जारी कर दिया है ताकि दूर-दराज से आने वाले लोगों को वहां पहुंचकर घंटों लाइन में खड़े होने या परेशान होने की नौबत न आए. मंदिर प्रशासन ने बाहरी लोगों से अपील की है कि वे भीड़ का अंदाजा लगाकर ही घर से निकलें.
भगनाव राम की नगरी अयोध्या और कृष्ण की नगरी वृंदावन दोनों शहरों में पिछले कुछ सालों में टूरिज्म सेक्टर के साथ-साथ रियल एस्टेट मार्केट में भी तेजी देखी गई हैं. अब लोग इन शहरों में सिर्फ मंदिर दर्शन नहीं, बल्कि रहने और निवेश के लिए प्रॉपर्टी ले रहे हैं.